इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम छात्रों के व्यवहारिक जीवन के लिए मील के पत्थर साबित होते हैं- नीलेश श्रीवास्तव

संवाददाता
आजमगढ़ । 31 जनवरी 2026 दिन शनिवार को शहर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान सेंट जेवियर्स हाई स्कूल एलवल आजमगढ़ के भव्य प्रांगण में महिला एवं बाल सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम, यातायात सुरक्षा कार्यक्रम, साइबर सेल आधारित जागरूकता कार्यक्रम व अग्निशमन जागरूकता कार्यक्रम का सम्मिलित आयोजन हुआ| यह कार्यक्रम एस.पी.आजमगढ़, डॉ. अनिल कुमार, एस.पी. ट्रैफिक विवेक त्रिपाठी के निर्देशानुसार आयोजित किया गया|
इस अवसर पर एस०आई० वरुणेश कुमार मिश्र-प्रभारी (महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन) ने छात्र-छात्राओं को बाल-सुरक्षा से जुड़ी समस्त बारीकियों को समझाते हुए उन्हें बताया कि किस प्रकार विपरीत परिस्थितियों में स्वयं को सुरक्षित रखा जा सकता है। इसी क्रम में शिखा तिवारी-कोतवाली (मिशन शक्ति) ने भी छात्राओं को उनके दैनिक जीवन में होने वाले सामाजिक शोषण एवं अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने के लिए जागरूक एवं प्रेरित किया, इस सन्दर्भ में उन्हें दी जाने वाली कानूनी सहायता जैसे डायल 1090 की भी जानकारी दी और इसके महत्व को भी विस्तार से समझाया।
यातायात नियमों से जुड़ी सामान्य एवं महत्वपूर्ण जानकारी एस०आई० जयशंकर सिंह द्वारा दी गई जिसे छात्र-छात्राओं ने मनोयोग के साथ सुना व व्यवहार में भी आत्मसात करने का संकल्प लिया। आजकल साइबर क्राइम की घटनाओं में भी तेजी से वृद्धि हो रही है, अतः इससे कैसे बचा जाय और किस प्रकार की सावधानियां रखी जाय, इस विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी एस०आई० कलाप कलाधर त्रिपाठी द्वारा दी गयी। उन्होंने साइबर क्राइम से पीड़ित व्यक्ति की तत्काल मदद के लिए सार्वजनिक दूरभाष नं० 1930 के बारे में भी जानकारी साझा की।
तत्पश्चात इस आधुनिकता में दिन-प्रतिदिन रसोई-गैस होने वाली दुर्घटनाओं से बचने एवं सिलेंडर में लगी आग पर तत्काल काबू पाने हेतु कुछ घरेलू उपाय को फायर मैन नीरज दुबे ने बताया, साथ ही बच्चों को सिलेंडर के माध्यम से आग बुझाने हेतु प्रशिक्षित भी किया।
इस अवसर पर अन्य पुलिसकर्मी यातायात, साइबर सेल, फायर सर्विस, मिशन-शक्ति, महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन के अन्य पुलिसकर्मी जैसे- वकील सिंह, सर्वेश कुमार, मेहरे आलम, विजय कुमार, उमा वर्मा, शिल्पा तिवारी, विशाल यादव आदि ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करायी। इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय प्रशासनिक टीम भी सक्रिय रही। उप-प्रधानाचार्य तरणी कुमार श्रीवास्तव, विद्यालय समन्वयक- धीरेंद्र भारद्वाज, मोना सिंह एवं समस्त शिक्षक-गण ने अपनी महती भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के अन्त में विद्यालय के प्रधानाचार्य नीलेश श्रीवास्तव ने समस्त अतिथियों के प्रति कृतज्ञता एवं आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम छात्रों के व्यवहारिक जीवन के लिए मील के पत्थर साबित होते हैं, क्योंकि एक सफल जीवन जीने के लिए पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक ज्ञान होना भी अति आवश्यक है। इसी क्रम में उन्होंने समस्त छात्रों एवं शिक्षण व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों से कहा कि हमें यह विश्वास है कि इस जानकारी को सभी अपने जीवन में आत्मसात करेंगे।




