संत रविदास का संदेश सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की प्रेरणा देती है – वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. बी के पटेल

संत रविदास का संदेश सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की प्रेरणा देती है – वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. बी के पटेल
नियत साफ और मन सच्चा है, तो कहीं बाहर जाने की आवश्यकता नहीं ईश्वर आपके हृदय में ही वास करते हैं – डॉ. पटेल
संत रविदास का जीवन सामाजिक समानता का प्रतीक- डॉ. बी. के. पटेल
रिपोर्ट – डॉ. वीरेंद्र कुमार सरोज
आजमगढ़ / स्व. विजय बहादुर सिंह स्टेडियम सिंहपुर आजमगढ़ में संत शिरोमणि भक्त रविदास के जयंती पर शोभायात्रा का आयोजन हुआ। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जिन्होंने संत रविदास के संदेशों को आत्मसात किया। मुख्य अतिथि संस्थापक / अध्यक्ष धम्मा लर्निंग सेंटर सारनाथ वाराणसी के परम पूज्य भिक्खू चन्दिमा थेरो जी रहे । विशिष्ट अतिथि सेनियर मेडिकल आफिसर चक्रपान पी जी आई आजमगढ़ के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. बी के पटेल , डॉ बलिराम पूर्व सांसद ,डॉ. शिव प्रकाश(CMS) HOD GMT चक्रपानपुर , डॉ. सोनू शर्मा मेडिकल आफिसर सदर मंडल आजमगढ़, डॉ.कैलाश यादव ब्लाक प्रमुख मेंहनगर, श्री हरिश्चंद्र गौतम मुख्य मंडल प्रभारी , श्री तीजा राम सदस्य SC / ST आयोग उत्तर प्रदेश , प्रबंधक बिरेंद्र सिंह रहे । डॉ. बी. के. पटेल ने अपने सम्बोधन में कहा कि “मन चंगा तो कठौत में गंगा” के अर्थ पर कहा कि यदि मन पवित्र है, तो घर पर ही गंगा स्नान का पुण्य मिल सकता है पटेल ने कहा कि जो मन की शुद्धता और आंतरिक भक्ति के महत्व को रेखांकित करता है। यह उक्ति उनके जीवन की उस कथा से जुड़ी है, जहाँ उन्होंने चर्मकार का काम करते हुए, पवित्र मन के कारण, चमड़े धोने वाली कठौती में गंगा मैया को प्रकट कर दिया था। यदि नियत साफ और मन सच्चा है, तो कहीं बाहर जाने की आवश्यकता नहीं है; ईश्वर आपके हृदय में ही वास करते हैं।
संत रविदास ने संदेश दिया कि अपने काम (कर्म) को पूरी ईमानदारी और सच्चाई से करना ही सबसे बड़ी भक्ति है। मुख्य वक्ता जिला संयोजक बामसेफ आजमगढ़ के डॉ. राकेश कुमार बौद्ध ने सम्बोधित करते हुए कहा कि जाति-पांति के भेदभाव से ऊपर उठकर मानवीय मूल्यों और समतावादी समाज पर जोर दिया, जो आज भी प्रासंगिक है। मुख्य वक्ता डॉ. आशुतोष कुमार दूबे ने कहा कि संत रविदास जयंती को माघ पूर्णिमा के दिन उनकी पवित्रता, सरलता और भक्ति के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि आज संत शिरोमणि भक्त रविदास जयंती के शुभअवसर पर श्रद्धा और भक्ति के साथ शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा के दौरान पूरे क्षेत्र में अनुशासन और श्रद्धा का वातावरण देखने को मिला । शोभायात्रा में बड़ी संख्या में संगत और श्रद्धालुओं ने भाग लेकर संत रविदास के संदेशों को आत्मसात किया। मुख्य वक्ता GMC चक्रपानपुर आजमगढ़ के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. पंकज कुमार सर्जन ने कहा कि संत रविदास का जीवन सामाजिक समानता और मानवता का प्रतीक है। उनके विचार आज के समय में समाज को जोड़ने और समरसता को मजबूत करने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने ने कहा कि संत रविदास की शिक्षाएं समाज में भाईचारे और सौहार्द को बढ़ावा देती हैं। ऐसे आयोजनों से सामाजिक एकता और आपसी समन्वय को बल मिलता है। डॉ. बलिराम पूर्व सांसद ने कहा कि संत रविदास का संदेश सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की प्रेरणा देता है। मौके पर जन कल्याण समिति सिंहपुर आजमगढ़ के अध्यक्ष डॉ . भानु प्रताप, कार्यक्रम अध्यक्ष श्री दल सिंगार बौद्ध , कार्यक्रम व्यवस्थापक श्री मनोज कुमार सहित हजारों की संख्या में लोग उपस्थित रहे I




