अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2026 में धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं की होगी व्यापक सहभागिता : पंकज सेतिया

अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2026 में धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं की होगी व्यापक सहभागिता : पंकज सेतिया
विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों से केडीबी ने लिए सुझाव।
कुरुक्षेत्र, (प्रमोद कौशिक) 7 जनवरी : विश्व पटल पर कुरुक्षेत्र की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2026 की तैयारियों को लेकर आज कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पंकज सेतिया की अध्यक्षता में कुरुक्षेत्र की विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ संपन्न हुई। बैठक में विशेष रूप से सद्भावना यात्रा, गीता यज्ञ, दीपोत्सव तथा महोत्सव से जुड़े अन्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों को और अधिक आकर्षक, सुव्यवस्थित एवं जनसहभागिता से परिपूर्ण बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य कार्यकारी अधिकारी पंकज सेतिया ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, शांति, सद्भाव और श्रीमद्भगवद्गीता के शाश्वत संदेश को विश्व तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से महोत्सव को जन-जन से जोड़ा जा सकेगा और इसका प्रभाव राष्ट्रीय ही नहीं, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी और अधिक व्यापक होगा। उन्होंने संस्थाओं से आह्वान किया कि वे अपनी परंपराओं, अनुभवों और संसाधनों के माध्यम से महोत्सव में सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को एक दिव्य, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हो सके।
बैठक का संचालन कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव उपेन्द्र सिंघल ने किया। उन्होंने सभी उपस्थित संस्थाओं के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों से प्राप्त सुझाव महोत्सव की योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होंगे। गीता महोत्सव की तैयारियों को लेकर नववर्ष के प्रथम सप्ताह में सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं के साथ बैठक की गई है। बोर्ड का प्रयास है कि आपसी समन्वय और सहयोग से अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2026 को अभूतपूर्व सफलता मिलेगी। बैठक में उपस्थित विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने महोत्सव में बढ़-चढ़कर सहयोग करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की और कार्यक्रमों को जनसरोकारों से जोड़ने के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए। बैठक उपरांत कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड द्वारा संस्थाओं व संगठनों के प्रतिनिधियों को आभार स्वरूप स्मृति चिन्ह् देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सदस्य अशोक रोशा, डा. संदीप छाबड़ा, सरदार हरमेश सिंह, गुरनाम सैनी, अलकेश मुदगिल, रोशन बेदी व अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव मेला प्राधिकरण के सदस्य विजय नरुला उपस्थित रहे। इस बैठक में गीता कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुरुक्षेत्र की प्राचार्या सुमन बाला, गीता सह-शिक्षा माध्यमिक विद्यालय, कुरुक्षेत्र की मुख्याध्यापिका राजकुमारी, गीता निकेतन आवासीय विद्यालय, कुरुक्षेत्र, श्री महादेव गौशाला, बाहरी से बी.बी. जिन्दल, गुरबख्श सिंह, राजेन्द्र कुमार प्रजापति, एमएनबी गीता निकेतन से अध्यापक सतीश कुमार, ब्राह्मण तीर्थोद्धार सभा से एमके मुदगिल, बैरागी महासभा से ज्ञान सिंह, नगर पार्षद परमवीर सिंह प्रिन्स, अखिल विश्व गायत्री परिषद्, कुरुक्षेत्र से डी.पी. शर्मा, बी.के. कौशिक प्राचीन मुलतान सभा से प्रदीप कुमार, धन्ना भगत पब्लिक स्कूल से जगतार सिंह, सैनी सभा से उप प्रधान सत्यान सैनी, मां भद्रकाली शक्तिपीठ से डा. एम.के. मुदगिल, गुर्जर धर्मशाला से मैनेजर रवि, जाट धर्मशाला से मैनेजर अंकित, जोगी धर्मशाला से सचिव पवन कुमार जोगी, मोहित कुमार, डा. श्याम आहुजा व अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।




