Uncategorized

वैदिक ऋचाओं से हुआ विक्रम संवत 2083 का शुभारंभ

श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में हुआ चैत्र प्रतिपदा पर दिव्य कार्यक्रम का आयोजन।

पलवल, प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी 19 मार्च : श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में विक्रम संवत 2083 का शुभारंभ वैदिक ऋचाओं के साथ हुआ। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने मुख्य यजमान के रूप में यज्ञ में आहुति डाली और सभी को नव वर्ष तथा नवरात्र की शुभकामनाएं दी। कैलाश भवन में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि आज का दिन सृष्टि के इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण दिन है। प्रकृति में नवरस घुल रहा है और नव चेतना के साथ हम एक नए काल खंड में प्रविष्ट हो रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी संस्कृति पर गर्व करने का आह्वान किया और जीवन में अनुशासन को अपनाने की अपील भी की। साथ ही उन्होंने जीवन की रक्षा के लिए हेलमेट अनिवार्य रूप से पहनने के निर्देश भी दिए। सामाजिक कार्यकर्ता एवं शिक्षक त्रिलोक चंद ने इस अवसर पर विद्यार्थियों को विक्रम संवत का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि हमारी काल गणना और संस्कृति सबसे प्राचीन तथा महान है। हमें इस पर गर्व करना चाहिए। त्रिलोक चंद ने विक्रम संवत के साथ प्राकृतिक क्रियाओं के सुमेल भी बताए।
विश्वविद्यालय छात्रावास की चीफ वार्डन डॉ. पिंकी शर्मा ने विद्यार्थियों को नव वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए सभी के लिए मंगलकामनाएं प्रेषित की। कैलाश भवन के वार्डन डॉ. मोहित श्रीवास्तव ने सभी का स्वागत किया और हिमाद्रि भवन की वार्डन डॉ. भावना रूपराई ने कृतज्ञता ज्ञापित की। छात्रावास पर्यवेक्षक सतीश बुधवार के नेतृत्व में कपिल, प्रवेश, पारस, धीरज, ख्वाहिश, सुरप्रीत, वैभव विज्ञा, विक्रमादित्य और पुलकित बहुत सुंदर सज्जा की और अतिथियों से नववर्ष पर पौधरोपण भी करवाया। इस अवसर पर एसवीएसयू सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य सतेंद्र सौरोत, महिला छात्रावास पर्यवेक्षक डॉ. सोनिया शर्मा, अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह, डॉ. मनीष और डॉ. सोहन लाल सहित काफी संख्या में शिक्षक तथा विद्यार्थी उपस्थित थे।
यज्ञ में आहुति डालते कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार व अन्य।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
plz call me jitendra patel