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यूटा जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में सैकड़ों शिक्षकों ने माननीय न्यायालय के आदेश के अनुपालन में प्रधानमंत्री जी को नगर मजिस्ट्रेट के माध्यम से सौंपा ज्ञापन

दीपक शर्मा (जिला संवाददाता)

बरेली : यूटा जिलाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह के नेतृत्व में आज सैकड़ो शिक्षकों नें टीईटी लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिनांक 1 सितम्बर 2025 के आदेश के अनुपालन में टेट उत्तीर्ण होना अनिवार्य करने के संबंध में संशोधित अधिनियम जारी करने तथा माननीय न्यायालय में प्रभावी कार्यवाही करने हेतु मा. प्रधानमंत्री जी को सम्बोधित ज्ञापन जिला अधिकारी महोदय बरेली के माध्यम से अपर नगर मजिस्ट्रेट अशोक कुमार को ज्ञापन दिया गया।
आपकी जानकारी में लाना है कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज सैकड़ो शिक्षक जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पर एकत्र हुए, और शांतिपूर्ण ढंग से ज्ञापन दिया, आपको बता दें कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने दिनांक 1 सितम्बर 2025 को एक आदेश पारित किया है कि देश के लाखों शिक्षक, जिन्होंने 20 से 25 वर्ष से अधिक की सेवा पूरी कर ली है, आगामी दो वर्षों में टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करें। कहा गया है कि जो शिक्षक दो वर्षों में परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाएँगे, उन्हें सेवा से हटा दिया जाएगा। ऐसी स्थिति में देश के 30 लाख से अधिक शिक्षकों एवं उनके परिवारों के समक्ष आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया है।उल्लेखनीय है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 23(1) और 23(2) के अनुसार अधिनियम लागू होने की तिथि 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी उत्तीर्ण होना अनिवार्य नहीं है। एनसीटीई ने 23 अगस्त 2010 को शिक्षकों के लिए न्यूनतम योग्यताएँ निर्धारित की थीं, जिसके तहत प्रशिक्षण के अलावा टीईटी भी अनिवार्य कर दिया गया था, लेकिन इसी अधिसूचना की धारा 4 में प्रावधान है कि 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी देने की आवश्यकता नहीं है।आरटीई संशोधन अधिनियम 2017 में, 31 मार्च 2015 को नियुक्त या कार्यरत सभी शिक्षकों, जिनके पास आरटीई अधिनियम की धारा 23(1) के अनुसार न्यूनतम योग्यता नहीं है, को चार वर्षों के भीतर योग्यता पूरी करने का निर्देश दिया गया था। जबकि आरटीई अधिनियम की धारा 23(1) के अनुसार, 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी देने की आवश्यकता नहीं है। उपरोक्त के परिप्रेक्ष्य में स्पष्ट है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम की धारा 23(1) के अनुसार 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट दी गई है। जबकि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने 1 सितम्बर 2025 को टीईटी उत्तीर्ण करने का आदेश दिया है, तथा कहा है कि 2 वर्ष में टीईटी उत्तीर्ण न करने की स्थिति में सेवा समाप्त कर दी जाएगी। सैकड़ो शिक्षकों के साथ ज्ञापन दिया।
ज्ञापन कार्यक्रम में मुख्य रूप से जूनियर शिक्षक संघ के मण्डल मंत्री श्री विनोद शर्मा, राज पल्याल, हरीश बाबू, हेमंत कुमार, अरविन्द गुर्जर, सतेंद्र पाल सिंह, रमेश मौर्य, हेमंत मौर्य, वीरेंद्र कुमार, देवराज भारती, जसवीर, अभिषेक सिंह, सुरेन्द्र पाल सिंह, विनोद कुमार, सत्यवीर सिंह, मुनीश गंगवार, घनश्याम मौर्य, कैलाश कुमार,त्रिलोकी सिंह, रीटा बत्रा, अर्चना, शशि प्रताप बौद्ध, पंकज सिंह यादव, सीरत खान, प्रेम प्रकाश, अमर गौतम, पुष्पराज, केशव अवतार आदि उपस्थिति रहे।

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