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बजाज परिवार की ओर से फिरोजपुर के टाहली मोहल्ला में भागवत कथा में कंस वध और रुक्मणी मंगल का भावपूर्ण वर्णन-नरेश बजाज

बजाज परिवार की ओर से फिरोजपुर के टाहली मोहल्ला में भागवत कथा में कंस वध और रुक्मणी मंगल का भावपूर्ण वर्णन-नरेश बजाज
(पंजाब) फिरोजपुर 31 दिसंबर [कैलाश शर्मा जिला विशेष संवाददाता]=
फिरोजपुर शहर के टाहली मोहल्ला में बजाज परिवार की ओर से आयोजित भागवत कथा श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच निरंतर प्रवाहित हो रही है। कथा के छठे दिन श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या ने कथा स्थल पर पहुंचकर भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं का श्रवण किया और भक्ति रस में डूबे रहे।
कथा के इस महत्वपूर्ण दिन व्यास गद्दी पर विराजमान कथा वाचक महामंडलेश्वर बृज निवासी श्री श्री राजेश्वरानंद अवस्थी ने भागवत पुराण में वर्णित रुक्मणी मंगल के प्रसंग की भावपूर्ण व्याख्या की। उन्होंने बताया कि नारद जी के कहने पर कंस ने श्री कृष्णा-बलराम को अकरूड़ जी को रथ देकर अपने महलों में बुलाकर षड्यंत्र के तहत उनको मारने की योजना बनाई। लेकिन श्री कृष्णा बलराम के आगे कंस की सारी योजनाएं विफल रही अंत में भगवान श्री कृष्ण ने कंस का वध किया। अपने माता-पिता देवकी और वासुदेव को जेल से मुक्त किया। और अपने नाना श्री अग्रसेन को राजा बनाकर उनका राज स्थापित किया।
इसके बाद भगवान द्वारका पुरी चले गए जहां उन्होंने विश्वकर्मा की मदद से आलीशान भवन तैयार करवाया और द्वारका पुरी के राजा बने। रुक्मणी से विवाह संपन्न हुआ। रुक्मणी विदर्भ देश के राजा भीष्मक की पुत्री थीं और भगवान कृष्ण को अपने मन से पति रूप में स्वीकार कर चुकी थीं। जब रुक्मणी का विवाह शिशुपाल से तय किया गया, तब उन्होंने अपने संदेश के माध्यम से कृष्ण को द्वारका से बुलाया। कृष्ण ने रुक्मणी की भक्ति और प्रेम को स्वीकार करते हुए राक्षसों और अधर्मियों का नाश कर उनका हरण किया और विधि-विधान से विवाह संपन्न हुआ।
श्री राजेश्वर स्वास्थ्य महामंडलेश्वर जी ने इस प्रसंग के माध्यम से यह संदेश दिया कि सच्चा प्रेम और पूर्ण समर्पण सदैव विजय प्राप्त करता है। रुक्मणी का कृष्ण के प्रति अटूट विश्वास और साहस आज के समाज के लिए भी प्रेरणादायक है। कथा के दौरान भक्ति, त्याग और धर्म की महत्ता को सरल शब्दों में समझाया गया, जिससे श्रोता भावविभोर हो उठे।
कथा के साथ-साथ माता कृष्णा अवस्थी जी ने मधुर भजनों की प्रस्तुति दी। उनके भजनों "एक दिन भोले भंडारी बनकर ब्रज नारी वृंदावन आ गए" जैसे भजन सुनाए और कथा पंडाल को भक्तिमय बना दिया और श्रोता झूम उठे। भजन और कथा के समन्वय से वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया।
बजाज परिवार द्वारा आयोजित यह भागवत कथा क्षेत्र में धार्मिक चेतना को जागृत करने का कार्य कर रही है। प्रतिदिन फिरोजपुर के गणमान्य अतिथि राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी पूर्व कैबिनेट मंत्री (पंजाब),हीरा सोढ़ी, अश्वनी मेहता, दविंदर कपूर, किशोर कुमार, जिला प्रधान बीजेपी बॉबी बाठ, हरिंदर सिंह कुल, हीरा पुगल, पृथ्वी पुगल,पंडित अनिल शर्मा, मनोज बांगा, पंडित सूरज प्रकाश शर्मा, अनुराग ऐरी, दविंदर नारंग, हरिराम खिदड़ी, सूरज मेहता, नरेश शर्मा प्रधान ब्राह्मण सभा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर कथा का लाभ उठा रहे हैं और कथा समापन की ओर बढ़ते हुए उत्साह और भक्ति का भाव और भी प्रगाढ़ होता जा रहा है।




