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उपमुख्यमंत्री मा0 केशव प्रसाद मौर्य ने सर्किट हाउस में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण अधिनियम 2025 (vb-g-ram-g) कार्यक्रम के निमित्त मीडिया बंधुओं को किया संबोधित

दीपक शर्मा (जिला संवाददाता)

बरेली : उपमुख्यमंत्री मा0केशव प्रसाद मौर्य ने सर्किट हाउस बरेली में विकसित भारत- गारंटी फाॅर रोजगार, एवं आजीविका मिशन ग्रामीण अधिनियम 2025 (vb-g-ram-g) कार्यक्रम के निमित्त मीडिया बंधुओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज देश में रोजगार के लिए सरकार ने vb-g-ram-g का उद्देश्य ग्रामीण रोजगार को केवल कल्याण योजना के रूप में नही, बल्कि विकास से जुड़ी गारंटी के रूप में स्थापित करना है, ताकि यह विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण के अनुरूप हो। यह अधिनियम ग्रामीण रोजगार को आधुनिक बनाने का लक्ष्य रखता है और मनरेगा की पुरानी कमजोरियों को दूर करने के लिए तकनीक पर आधारित पारदर्शिता, मजबूत जवाब देही, और स्थायी संसाधनों व दीर्घकालीन ग्रामीण उत्पादन पर विशेष ध्यान देने की व्यवस्था करता है। ग्रामीण प्रत्येक परिवार को मिलने वाला निश्चित रोजगार 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है, यानि 25 प्रतिशत की वृद्धि तथा खेतीहर कार्यो के लिए 60 दिन काम के लिए आरक्षित किये गये है। इस प्रकार 185 दिनों की काम की गारंटी देता है। जो एक कानूनी रूप से तय मानक अधिकार बन गया है। अनुमन्य कार्यो की सूची में 260 से अधिक बिखरे हुए कार्यो को अब केवल चार मुख्य क्षेत्रो में बांटा गया हैः- जल, सुरक्षा, ग्रामीण अवसंचना, आजीविका सम्पत्ति और जलवायु संरक्षण प्रमुख है।
मा0 उपमुख्यमंत्री जी ने कहा कि किसानों के हितों की सुरक्षा की गई है, जिसमें फसल बोने और काटने के प्रमुख मौसमों (साल में 60 दिन अधिकतम) के दौरान अन्य VB -g- Ram -g के कार्यो को कानूनी रूप से रोका जायेगा, ताकि बुआई, कटाई के लिए समस्या न हो जिससे रोजगार गारंटी को कृषि चक्र के अनुसार संतुलित किया जा सकेगा। जहां किसानों को सुरक्षा प्रदान की गयी है। तथा वहीं यह मजदूरी 60 दिन अतिरिक्त पाने की गारंटी प्रदान करता है। बेरोजगारी भत्ता अब तक स्पष्ट और समयबद्ध अधिकार के रूप में तय किया गया है यदि किसी ग्रामीण को काम की मांग के 15 दिनों के अन्दर रोजगार नहीं मिलता तो भत्ता दिया जायेगा, साथ ही इसके साथ जिम्मेदार अधिकारी की समय सीमा और देयता भी स्पष्ट रूप से निर्धारित की गयी है। जवाबदेही और निगरानी को मजबूत किया गया ai आधारित धोखाधड़ी की पहचान gps मोबाइल ट्रैकिंग, साप्ताहिक सार्वजनिक डेटा प्रकाशन, अनिवार्य 2 बार, सालाना सामाजिक आडिट, और लगातार निगरानी और सुधार सुनिश्चित करने के लिए केन्द्रीय, एवं राज्य स्तर पर स्टेयरिंग कमेटियां गठित की गयी है। यह कार्यस्थलों की गरिमा, मजबूत गांव, टिकाऊ संसाधन और प्रभावी शासन के जरिये ग्रामीण आजीविका में ठोस परिणाम देने पर ध्यान केन्द्रित करना है। पहले जहां भुगतान के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था। वही vB -g -ram -g के अन्तर्गत मांगे गये काम के 7 दिनों मे यदि काम का भुगतान नही मिलता तो ब्याज सहित भुगतान किया जायेगा। प्रेस वार्ता में प्रमुख रूप से सांसद छत्रपाल गंगवार, राज्य महिला आयोग की सदस्य पुष्पा पांडे, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, विधायक कैंट संजीव अग्रवाल, राघवेंद्र शर्मा, डॉ डीसी वर्मा, डॉ एमपी आर्य, एमएलसी कुंवर महाराज सिंह, बहरोन लाल मौर्य, पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप, जिलाध्यक्ष सोमपाल शर्मा, महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना, आंवला जिलाध्यक्ष आदेश प्रताप सिंह, मीडिया प्रभारी बंटी ठाकुर, राम गोपाल मिश्रा , पूरन लाल लोधी, पूर्व जिला अध्यक्ष राजकुमार शर्मा, मौजूद रहे।

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