दीनबंधु सर छोटूराम की जीवन से प्रभावित होकर डबल इंजन सरकार ने किया किसानों का सम्मान व सशक्तिकरण : नायब सिंह सैनी

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दीनबंधु सर छोटूराम की जयंती पर अंतर्राष्ट्रीय जाट धर्मशाला को दी 31 लाख रुपए की अनुदान राशि, सासंद सुभाष बराला ने भी की 21 लाख रुपए देने की घोषणा, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी,गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज, कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, सांसद सुभाष बराला व जाट धर्मशाला के अध्यक्ष डा. कृष्ण श्योकंद ने सर छोटू राम की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण।
अंतरराष्ट्रीय जाट धर्मशाला ने हरियाणा मुख्यमंत्री से दीनबंधु सर छोटू राम जी को भारत रत्न देने की मांग करी।
थानेसर, (संजीव कुमारी) 23 जनवरी : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि दीनबंधु चौधरी छोटूराम के संघर्ष के चलते धरती पुत्र किसान का भाग्य बदला और मजदूर की तकदीर भी बदली तथा कृषि भूमि की रक्षा, किसान की गरिमा और मेहनतकश की इज्जत ही दीनबंधु चौधरी छोटूराम के जीवन के मूल मंत्र थे। इन्हीं मूल मंत्र को आधार मानकर डबल इंजन सरकार किसानों का सम्मान और सशक्तिकरण कर रही है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय जाट धर्मशाला में बसंत पंचमी के पावन पर्व पर आयोजित दीनबंधु चौधरी छोटूराम एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जयंती समारोह में बोल रहे थे। इससे पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज, हरियाणा के सामाजिक एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, सांसद सुभाष बराला, चेयरमैन धर्मवीर डागर, चेयरमैन धर्मवीर मिर्जापुर, भाजपा जिला अध्यक्ष तिजेन्द्र सिंह गोल्डी, अंतर्राष्ट्रीय जाट धर्मशाला के अध्यक्ष डा.कृष्ण श्योकंद ने दीनबंधु सर छोटूराम की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और सुभाष चंद्र बोस की तस्वीर पर भी पुष्प अर्पित कर नमन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अंतर्राष्ट्रीय जाट धर्मशाला को 31 लाख रुपए तथा सांसद सुभाष बराला ने 21 लाख रुपए की अनुदान राशि देने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को बसंत पंचमी और दीनबंधु सर छोटूराम की जयंती पर बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दीनबंधु सर छोटूराम का जीवन भी साहस के साथ संवेदना और संघर्ष के साथ सेवा के समन्वय का अद्भुत उदाहरण है। इस महान व्यक्तित्व ने धरती पुत्र किसान के साथ-साथ मजदूर का भाग्य और तकदीर भी बदली। दीनबन्धु सर छोटूराम अपने आप में एक विचार थे, एक आंदोलन थे और एक संकल्प थे। जिन्होंने अपना पूरा जीवन किसानों, श्रमिकों और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया। दीनबंधु चौधरी छोटूराम ने उस समय की अन्यायपूर्ण व्यवस्थाओं के विरुद्ध खड़े हुए जब सत्ता और संसाधन कुछ हाथों में सिमट कर रह गए थे।
उन्होंने कहा कि जब तक किसान सशक्त नहीं होगा तब तक भारत सशक्त नहीं होगा। इसी सोच के साथ दीनबंधु चौधरी छोटूराम संघर्ष करते रहे। उनके संघर्ष के कारण नीतियों और कानूनों को स्वरूप दिया, ऋण ग्रस्त किसानों को साहूकारों के शोषण से मुक्ति दिलवाने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए। इस संघर्ष से यह प्रेरणा मिलती है कि कर्तव्य के पथ पर चलना ही सच्चा धर्म है और व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर समाज और राष्ट्र के हित को प्राथमिकता देनी चाहिए। उनका संघर्ष किसी वर्ग के विरुद्ध नहीं बल्कि अन्याय के विरुद्ध था, यही कारण है उनका नाम आज भी सम्मान और कृतज्ञता के साथ लिया जाता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दीनबंधु चौधरी छोटूराम के आदर्शों को अपनाते हुए किसानों का सम्मान व सशक्तिकरण के लिए अनेकों योजनाओं को अमलीजामा पहनाने का काम किया। किसानों के हित को देखते हुए सभी 24 फसलों की खरीद एमएसपी पर की जा रही है। अब तक 12 लाख किसानों के खातों में फसल खरीद के 1 करोड़ 64 हजार रुपए डाले जा चुके है। इस सरकार ने पिछले 11 वर्षों में फसल खराबे के मुआवजे के रूप में 15 हजार 448 करोड़ रुपए दिए है। उन्होंने कहा कि हरियाणा कृषि भूमि पट्टा विधेयक 2024 पारित करके पट्टेदार किसानों व भूमि मालिकों के बीच विश्वास बहाली का काम किया है। किसानों की खरीद को सुविधाजनक बनाने के लिए मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल शुरू किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे आबियाने को जड़ से खत्म करके बकाया 133 करोड़ रुपए भी माफ किए, पिंजौर में एशिया के सबसे बड़ी आधुनिक सेब, फल एवं सब्जी मंडी शुरू की, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 20 लाख 18 हजार पात्र किसान परिवारों को 6 हजार वार्षिक दर से 7 हजार 233 करोड़ रुपए दिए गए है। सरकार ने अब तक किसानों को बाजार भावान्तर के रूप में 1हजार 285 करोड़ रुपए की राशि दी है और फसल विविधीकरण और जल संरक्षण योजना के तहत किसानों को अब तक 167 करोड़ रुपए की वित्तिय सहायता दी जा चुकी है।
गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने नागरिकों को बसंत पंचमी व दीनबन्धु चौधरी छोटूराम की जयंती पर बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का पराक्रम और दीनबंधु सर छोटूराम की करुणा, दोनों मिलकर भारत के चरित्र को पूर्ण बनाते है। वहीं बसंत पंचमी हमें बताती है कि ज्ञान और संस्कृति के बिना कोई भी पराक्रम स्थाई नहीं हो सकता। इसलिए आज की पीढ़ी को इतिहास से प्रेरणा लेकर शिक्षा, नवाचार और नैतिक मूल्यों को लेकर आगे बढ़ाना होगा।
सांसद सुभाष बराला ने भी प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि किसानों और मजदूरों के हितों की रक्षा करने और समाज में मान सम्मान देने के लिए दीनबंधु चौधरी छोटूराम ने अपना पूरा जीवन लगा दिया और संघर्ष करते हुए किसानों को उनका हक दिलवाने का काम किया। उनकी सोच थी कि समाज के अंतिम व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान आए। सर छोटूराम जी ने सामाजिक न्याय को केवल भाषणों तक सीमित नहीं रखा बल्कि उसे नीतियों और कानून का स्वरूप भी दिया। आज युवा पीढ़ी को दीनबंधु सर छोटूराम के जीवन से प्रेरणा लेकर देश की सेवा के लिए आगे आना चाहिए।
जाट धर्मशाला के प्रधान डा. कृष्ण श्योकंद ने मेहमानों का स्वागत करते हुए अंतर्राष्ट्रीय जाट धर्मशाला द्वारा समाज हित के लिए किए जा रहे कार्यों पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए कहा कि आने वाले समय में जरूरतमंद युवाओं के लिए एआई से लेकर यूपीएससी की नि:शुल्क कोचिंग दी जाएगी। उन्होंने समाज के लोगों के साथ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को दीनबंधु चौधरी छोटूराम को भारत रत्न देने के लिए एक मांग पत्र भी सौंपा है।
इस कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज, कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, भाजपा युवा नेता साहिल सुधा को अंतर्राष्ट्रीय जाट धर्मशाला के प्रधान डा. कृष्ण श्योकंद, बनी सिंह ढुल, हरिकेश सहारन, होशियार सिंह, नरेन्द्र नैन, डा. रणपाल, संजय देशवाल ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस मौके पर निशा चौधरी, सुखबीर श्योकंद, जयभगवान शर्मा डीडी, प्रदीप मोर, संजय देशवाल, साधू राम कोलखां, जगदीश, रघबीर नैन, सूरजभान, सुभाष, ऋषिपाल, पूर्व प्रधान सुरेन्द्र सहित समाज के गणमान्य लोग और प्रबंधक समिति के सदस्य उपस्थित थे।




