टीबी हारेगा देश जीतेगा के नारे को सफल बनाने के लिए हमें कोरोना काल की तर्ज पर काम करना होगा- डॉ. बी. के. पटेल

आजमगढ़ संवाददाता ।
आजमगढ़। केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2027 तक भारत को टीबी (ट्यूबरक्लोसिस) मुक्त करने के लक्ष्य को प्रात करने के लिए आजमगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने अपनी संक्रियता बढ़ा दी है। बुधवार को एएनएम ट्रेनिंग सेंटर के सभागार में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर अभियान की समीक्षा की और टीबी उन्मूलन को एक जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के. एन. आर. वर्मा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के टीबी हारेगा देश जीतेगा के नारे को सफल बनाने के लिए हमें कोरोना काल की तर्ज पर काम करना होगा। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रभावित क्षेत्रों, ईंट भट्टो और ग्रामीण कालोनियों में विशेष फोकस करना होगा। निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार हो ताकि कोई भी मरीज इलाज से वंचित न रहे ।अभियान की समीक्षा की और टीबी उन्मूलन को एक जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बलगम की जांच में टीबी की पुष्टि होने के 48 घंटे के भीतर इलाज शुरू कर दिया जाता है। टीवी का कोर्स 6 से 9 माह का होता है, जिसे पूरा करना अनिवार्य है। मरीजों को अस्पताल लाने वाले सहयेनियों और ग्रामीण चिकित्सकों को विभाग की ओर से प्रोत्साहित भी किया जाएगा। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. वाई. प्रसाद ने कहा कि सरकार टीबी को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने समाज के हर वर्ग से अपील की कि यदि उनके आसपास कोई टीबी का संदिग्य मरीज दिखता है, तो उसे तुरंत जिला चिकित्सालय वा सामुदाविक स्वास्थ्य केंद्र भेजें। कार्यक्रम के दौरान डॉ. बी. के. पटेल ने आजमगढ़ के जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी के अथक प्रयासों से आजमगढ़ को युवा उद्यमी रोजगार में प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है, जिसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाग ने उन्हें सम्मानित भी किया है। साथ ही, जिलाधिकारी द्वारा तमसा नदी की स्वच्छता के लिए उठाए गए कदमों और प्रधानमंत्री के मन की बात में इसकी चर्चा का भी जिक्र किया गया। कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान में विशेष सहयोग देने वाले चिकित्सकों को सीएमओ डॉ. एन. आर. वर्मा द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उप जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. बी. पी. सिंह सहित सैकड़ों चिकित्सक उपस्थित रहे।




