कुवि कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा को मिला आउटस्टेंडिंग वाइस चांसलर ऑफ इंडिया अवार्ड

उच्च शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट नेतृत्व, नवाचार एवं शैक्षणिक विकास में उल्लेखनीय योगदान के लिए हुए सम्मानित
नई दिल्ली में आयोजित 15वें इंडिया एजुकेशन समिट 2026 कार्यक्रम में मिला अवार्ड।
कुरुक्षेत्र, (प्रमोद कौशिक/अमित)9 फरवरी : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा को भारतीय एजुकेशन नेटवर्क द्वारा 07 फरवरी 2026 नई दिल्ली में आयोजित 15वें इंडिया एजुकेशन समिट-2026 में आउटस्टैंडिंग वाइस चांसलर ऑफ इंडिया अवार्ड से सम्मानित किया गया है। यह प्रतिष्ठित सम्मान भारतीय एजुकेशन नेटवर्क द्वारा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कुवि कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के उत्कृष्ट नेतृत्व, नवाचार एवं शैक्षणिक विकास में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। इस सम्मान को शौभित विश्वविद्यालय के चांसलर कुंवर शेखर विजेंद्र, एआईसीटीई के मुख्य समन्वय अधिकारी तथा इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल ऑफ इंडिया, ईएसएससीआई के कार्यवाहक प्रमुख सहित देशभर के अनेक प्रतिष्ठित शिक्षा विशेषज्ञों एवं कुलपतियों की उपस्थिति में प्रदान किया गया। यह सम्मान देशभर से चयनित 15 कुलपतियों को प्रदान किया गया।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने अवार्ड मिलने पर कहा कि उनकी यह उपलब्धि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है और इससे विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा और अधिक सुदृढ़ हुई है। विश्वविद्यालय परिवार ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा को बधाई देते हुए इसे विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता और नेतृत्व क्षमता का प्रमाण बताया।
समिट के दौरान प्रथम सत्र की अध्यक्षता करते हुए कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के सभी प्रावधानों को देश में सबसे पहले प्रभावी रूप से लागू किया है। उन्होंने कहा कि एनईपी-2020 अत्यंत महत्वपूर्ण नीति है, जो देश की शिक्षा प्रणाली की दिशा और दशा में व्यापक परिवर्तन ला रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यद्यपि इसके क्रियान्वयन में कुछ चुनौतियाँ हैं, लेकिन समर्पित प्रयासों और नवाचार के माध्यम से इन चुनौतियों को सफलतापूर्वक पार किया जा सकता है।
इस समिट में भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली से जुड़े समकालीन एवं भविष्य उन्मुख विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत चर्चा की गई। इन विषयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020ः दूरदर्शी सुधार या क्रियान्वयन की चुनौती, भारतीय उच्च शिक्षा की पुनर्कल्पना, शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिकाः उत्पादकता क्रांति या शिक्षण संकट, डिग्री, कौशल एवं रोजगार के बीच अंतराल के कारण तथा एजुकेशन आउटकम को नियंत्रित करने वाले प्रमुख कारक – नीति, तकनीक या संस्थान जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे।




