शोध का उद्देश्य सत्य की गुणवत्तापूर्ण खोज : प्रो. सोमनाथ सचदेवा

केयू पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग की डिजिटल एवं आधुनिक अनुसंधान कौशल पर पांच दिवसीय कार्यशाला का हुआ शुभारम्भ।
कुरुक्षेत्र, (प्रमोद कौशिक/अमित) 9 फरवरी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि शोध का उद्देश्य सत्य की गुणवत्तापूर्ण खोज है। शोध केवल तथ्यों का संग्रह नहीं, बल्कि गहन विश्लेषण, तर्क और प्रमाण के आधार पर वास्तविकता को समझने की प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि पवित्र ग्रंथ श्रीमद्भगवद्गीता में भी सत्य को सर्वोपरि माना गया है। वहीं ज्ञान एवं बुद्धिमत्ता के आधार पर शोध का उद्देश्य भी सत्य को खोजना है। यह उद्गार उन्होंने सोमवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में केयू पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग की डिजिटल एवं आधुनिक अनुसंधान कौशल विषय पर आधारित पांच दिवसीय कार्यशाला के शुभारम्भ अवसर पर बतौर मुख्यातिथि व्यक्त किए। इससे पहले कार्यशाला का शुभारम्भ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
कुवि कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि वर्तमान समय में आधुनिक शोध उपकरण एवं अनुसंधान कौशल उपलब्ध है जोकि गुणवत्तापूर्ण शोध में सहायक है। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, क्लाउड कंप्यूटिंग और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों ने शोध की दिशा और गति दोनों को नया आयाम दिया है। उन्होंने कहा कि पहले समय में शोध के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में जाना पड़ता था लेकिन अब एआई, आधुनिक तकनीक के माध्यम से शोध साहित्य आपके समक्ष ही है। उन्होंने कहा कि आधुनिक शोध जगत में प्लेजरिज्म, एआई रिसर्च एथिक्स और शोध की गुणवत्ता आपस में गहराई से जुड़े हुए विषय हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी शोध की विश्वसनीयता और मूल्य इन्हीं पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि नैतिकता, पारदर्शिता और अकादमिक ईमानदारी से किया गया उच्च गुणवत्ता वाला शोध न केवल सार्थक होता है, बल्कि समाज और ज्ञान के विकास में भी सार्थक योगदान देता है। कुवि कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने जल्द ही बेस्ट शोध के लिए अवार्ड शोधार्थियों को सम्मानित करने व इसके लिए जल्द ही दिशा-निर्देश तय करने की बात भी कही।
डीन, कला एवं भाषा संकाय, प्रो. सुनीता सिरोहा ने कहा कि इस कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थी अपनी शोध स्किल को अपडेट कर सकेंगे।
इससे पहले कार्यशाला में केयू पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. संजीव शर्मा ने कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा का स्वागत करते हुए कार्यशाला के थीम के बारे में कहा कि आज के समय गुणवत्तापूर्ण शोध के लिए डिजिटल स्किल का पता होना बहुत जरूरी है क्योंकि यह शोध की मौलिकता का भी आधार है। कार्यशाला में मंच का संचालन शोधार्थी रेणू पंवार तथा धन्यवाद ज्ञापन शोधार्थी उदिता ने किया।
रिसोर्स पर्सन डॉ. राजकुमार ने रिसर्च एथिक्स एवं एआई पर व्याख्यान देते हुए इसे आज के समय की मांग बताया। इस मौके पर प्रो. दिनेश, प्रो. अनिल गुप्ता, प्रो. मनोज जोशी, डॉ. कुलदीप सिंह, डॉ. जितेन्द्र भारद्वाज, डॉ. संजय, डॉ. चेतन, डॉ. विकास सभ्रवाल, डॉ. अंजलि अग्रवाल, डॉ. प्रिया शर्मा, डॉ. निधि बगरिया सहित शिक्षक, शोधार्थी मौजूद थे।



