उपलब्धि:श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय को मिले 23 नए सहायक प्रोफेसर

कुलपति प्रो. धीमान बोले,अनुभवी शिक्षकों से शिक्षा,शोध और चिकित्सा को मिलेगी मजबूती।
कुरुक्षेत्र, (प्रमोद कौशिक) 10 फरवरी : श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान के कुशल मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद पहली बार आयुर्वेद के 13 विषयों में 23 सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति की गई है। सोमवार को हुई कार्यकारी परिषद की 18वीं बैठक में सहायक प्रोफेसर पदों की नियुक्ति से संबंधित लिफाफे खोले गए। इसके साथ ही पंचकर्म विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. ममता राणा को पदोन्नत कर एसोसिएट प्रोफेसर बनाया गया है।
गौरतलब है कि आयुष विश्वविद्यालय द्वारा आयुर्वेद के 14 विषयों में एक एसोसिएट प्रोफेसर सहित सहायक प्रोफेसर के कुल 37 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। भर्ती प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत 23 पदों पर नियुक्तियां की गई हैं। नवनियुक्त सहायक प्रोफेसरों ने विश्वविद्यालय में जॉइनिंग प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी है।
शिक्षा, शोध और चिकित्सा को सशक्त करना हमारा लक्ष्य: कुलपति।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने कहा कि विश्वविद्यालय में योग्य एवं अनुभवी शिक्षकों और विशेषज्ञों की नियुक्ति से आयुर्वेद की शिक्षा और शोध को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि एक ओर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं शोध आधारित शिक्षा प्राप्त होगी, वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय से संबद्ध आयुर्वेदिक अस्पताल में मरीजों को भी बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य शिक्षा, शोध और चिकित्सा तीनों को सशक्त रूप से विकसित करना है।
कुलपति प्रो. धीमान ने नवनियुक्त सहायक प्रोफेसरों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शेष रिक्त पदों को भरने के लिए भी शीघ्र भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि माननीय पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशानुसार आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान के प्राचार्य पद के लिए पुनः चयन प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।
बेहतर होगी शिक्षा और चिकित्सा: प्रो. तोमर।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. ब्रिजेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि सहायक प्रोफेसरों और विशेषज्ञों की नियुक्ति से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं शोध गतिविधियों को नई गति मिलेगी। इससे आयुर्वेद की शिक्षा का स्तर और सुदृढ़ होगा तथा शोध कार्यों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि इन नियुक्तियों से विश्वविद्यालय के आयुर्वेदिक अस्पताल की कार्यप्रणाली और अधिक मजबूत होगी, जिससे मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।




