डेयरी फार्मिंग – लुवास में कौशल विकास हेतु प्रशिक्षण का शुभारंभ

हरियाणा संपादक – वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक दूरभाष – 94161 91877

हिसार, 23 फरवरी : लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के पशु आनुवंशिकी एवं प्रजनन विभाग में कुलपति प्रो. (डॉ.) विनोद कुमार वर्मा के मार्गदर्शन में अनुसूचित जाति उप योजना के तहत पशुपालकों के लिए डेयरी फार्मिंग – कौशल विकास हेतु पांच दिवसीय (23–27 फरवरी, 2026) प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया।
उद्घाटन समारोह के अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. एस. एस. ढाका बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। इस अवसर पर पशुचिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता एवं विभागाध्यक्ष, पशु आनुवंशिकी एवं प्रजनन विभाग डॉ. मनोज रोज, प्रशिक्षण निदेशक प्रोफेसर डॉ. सतपाल दहिया, प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. मनोज कुमार वर्मा, डॉ. योगेश बांगड़ एवं डॉ. सोनू कुमारी तथा प्राध्यापक पूनम रतवान, अनिल चित्रा एवं सुनील कुमार भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. एस. एस. ढाका ने अपने संबोधन में कहा कि यह हमारे लिए बड़े सौभाग्य और गर्व की बात है कि दूर-दूर से पशुपालक हमारे विश्वविद्यालय में प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए आए हैं। उन्होंने पशुपालकों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि डेयरी व्यवसाय में सफलता के लिए तकनीकी ज्ञान का विशेष महत्व है। उन्होंने पशुपालकों से आह्वान किया कि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा बताए गए वैज्ञानिक तरीकों को अपने व्यवसाय में अपनाएं तथा अन्य पशुपालकों को भी इनके प्रति जागरूक करें। साथ ही उन्होंने पशुपालकों को सामूहिक पशुपालन अपनाने के लिए भी प्रेरित किया।
पशुचिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. मनोज रोज ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी लुवास के वैज्ञानिकों द्वारा दी गई तकनीकी जानकारी को अपने पशुपालन व्यवसाय में लागू करके अपने पशुधन से अधिकतम लाभ अर्जित कर सकते हैं।
प्रशिक्षण निदेशक प्रोफेसर डॉ. सतपाल दहिया ने बताया कि इस प्रशिक्षण का आयोजन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की डेयरी पशुओं की नस्ल सुधार योजना के अंतर्गत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण में अनुसूचित जाति वर्ग के 60 पशुपालक भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को पशुपालन से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों जैसे पशुओं की प्रमुख नस्लें, संतुलित आहार, पशु आवास प्रबंधन, नवजात पशुओं की देखभाल, नस्ल सुधार का महत्व, प्रजनन प्रबंधन, स्वच्छ दुग्ध उत्पादन तथा पशुओं के प्रमुख रोगों एवं टीकाकरण से संबंधित वैज्ञानिक जानकारी प्रदान की जाएगी।
सह- जनसम्पर्क अधिकारी डॉ. विशाल शर्मा ने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य पशुपालकों को वैज्ञानिक डेयरी प्रबंधन की नवीनतम तकनीकों से अवगत कराकर उनकी आय में वृद्धि करना है।

VV NEWS

राष्ट्रीय कार्यालय रमाकान्त पाण्डेय(गोपालपुरी) संरक्षक/संस्थापक ग्राम व पोस्ट- गोपालपुर (टावर) थाना व तहसील- मेहनगर जिला-आजमगढ़, उत्तर प्रदेश पिंन कोड़-276204 मोबाईल-9838825561,7054825561 हेंड कार्यालय/प्रशासनिक कार्यालय जितेंद्र पटेल (प्रमुख संपादक/प्रशासनिक संपादक) ग्राम व पोस्ट- 495668 थाना व तहसील-जांजगीर जिला-जांजगीर (छत्तीसगढ) पिंन कोड़-495668 मोबाईल-6265564514

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

जिलाधिकारी ने कर-करेत्तर, राजस्व वसूली एवं राजस्व वादों की समीक्षा बैठक कर, दिए निर्देश

Mon Feb 23 , 2026
रायबरेली रिपोर्टर विपिन राजपूत जिलाधिकारी ने कर-करेत्तर, राजस्व वसूली एवं राजस्व वादों की समीक्षा बैठक कर, दिए निर्देश रायबरेली, 23 फरवरी 2026          जिलाधिकारी हर्षिता माथुर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में कर-करेत्तर, राजस्व वसूली एवं राजस्व वादों की मासिक समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई।        […]

You May Like

advertisement