श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय में प्रथम बैच के दो शोधार्थियों को मिली पीएचडी उपाधि

विश्वविद्यालय में 113 शोधार्थी अलग-अलग विषयों पर कर रहे शोध।
कुरुक्षेत्र, (प्रमोद कौशिक) 5 मार्च : श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर वैद्य करतार सिंह धीमान के मार्गदर्शन में प्रथम बैच के दो शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। सत्र 2021 में पंचकर्म विभाग, गौड़ ब्राह्मण आयुर्वेदिक कॉलेज की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अंशुल ने फैटी लीवर (एनएमएफएलडी) विषय पर शोध करते हुए आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान के प्राचार्य एवं पंचकर्म विभाग के प्रोफेसर डॉ. आशीष मेहता के निर्देशन में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की।
इसी प्रकार देश भगत आयुर्वेदिक कॉलेज, मंडी गोविंदगढ़ (पंजाब) के प्राचार्य डॉ. हेमराज ने कायचिकित्सा विभाग में वातरक्त विषय पर शोध करते हुए आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान के प्रोफेसर डॉ. बलबीर सिंह संधु के मार्गदर्शन में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। गुरुवार को कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने दोनों शोधार्थियों को पीएचडी अवार्ड प्रदान किए। इस अवसर पर परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर डॉ. हेतल दावे, सेवानिवृत्त प्रो. बलबीर संधु सहित अन्य उपस्थित रहे।
आयुष पद्धति में वैज्ञानिक शोध को बढ़ावा देना जरूरी: कुलपति।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने कहा कि आयुष पद्धति में वैज्ञानिक शोध को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। विश्वविद्यालय शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहित करते हुए आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने दोनों शोधार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय: प्रो.आशीष।
वहीं,आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान के प्राचार्य प्रो. आशीष मेहता ने बताया कि आयुष विश्वविद्यालय से पीएचडी करने वाले यह पहले बैच के प्रथम शोधार्थी हैं, जो विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विभिन्न विषयों और शोध विषयों पर 113 शोधार्थी शोध कार्य कर रहे हैं, जो आयुर्वेद के क्षेत्र में नई संभावनाएं और शोध परिणाम सामने लाएंगे।



