नवाचार आधारित स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देना समय की आवश्यकता : प्रो. नीरा राघव

केयूटीआईसी में स्टार्टअप्स के लिए फंडिंग के द्वितीय चरण का हुआ मूल्यांकन।
कुरुक्षेत्र, प्रमोद कौशिक 15 मार्च : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी टेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर (कुटिक) द्वारा स्टार्टअप्स के लिए फंडिंग के द्वितीय चरण का मूल्यांकन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नवाचार आधारित स्टार्टअप्स का मूल्यांकन कर उन्हें वित्तीय सहयोग एवं विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान करना है, ताकि युवाओं में उद्यमिता और नवाचार की भावना को बढ़ावा मिल सके।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रसायन विभाग की प्रो. नीरा राघव ने कहा कि वर्तमान समय में नवाचार आधारित स्टार्टअप देश की आर्थिक प्रगति और आत्मनिर्भरता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में विकसित हो रहे नए विचारों को उचित मंच और संसाधन उपलब्ध कराए जाने से युवा उद्यमियों को अपने नवाचारों को सफल व्यवसाय में बदलने का अवसर मिलता है।
स्टार्टअप्स के मूल्यांकन के लिए गठित विशेषज्ञ समिति में डॉ. वर्षा सिंह, निदेशक, मेडजैक हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड; तेजिंदर पाल सिंह जस्सल, निदेशक, पायलट टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट लिमिटेड; तथा श्री विश्वेन्द्र सिंह मोर, वरिष्ठ प्रबंधक, पंजाब नेशनल बैंक शामिल रहे।
कार्यक्रम के दौरान तीन स्टार्टअप्स ने अपने नवाचार आधारित व्यावसायिक विचार प्रस्तुत किए। सुक्समा मेडजैक प्राइवेट लिमिटेड दवाओं की प्रभावी आपूर्ति के लिए माइक्रोनीडल पैच विकसित कर रहा है, जो दवा देने की अपेक्षाकृत कम दर्दनाक और प्रभावी तकनीक है। निवा हेल्थकेयर वरिष्ठ नागरिकों की स्वास्थ्य निगरानी के लिए एक समग्र हेल्थ मॉनिटरिंग समाधान तैयार कर रहा है, जिसके माध्यम से बुजुर्गों के विभिन्न स्वास्थ्य मानकों पर निरंतर निगरानी रखी जा सकेगी। वहीं चिकित्सम द्वारा एक स्मार्ट बैंड विकसित किया जा रहा है, जो शरीर के विभिन्न स्वास्थ्य संकेतकों की निगरानी कर स्वास्थ्य प्रबंधन में सहायक सिद्ध होगा। स्टार्टअप्स का मूल्यांकन उनके बिज़नेस पिच, तकनीकी नवाचार, व्यवहारिकता तथा संभावित सामाजिक प्रभाव के आधार पर किया गया।
इस अवसर पर लेफ्टिनेंट (डॉ.) अजय जांगड़ा, समन्वयक, केयूटीआईसी ने बताया कि आगामी दिनों में कुल 14 स्टार्टअप्स का फंडिंग के लिए मूल्यांकन किया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहलें विश्वविद्यालय में नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति को मजबूत बनाने में सहायक सिद्ध होंगी। कार्यक्रम के दौरान डॉ. प्रियंका जांगड़ा (निवा हेल्थकेयर की मेंटर), डॉ. भंवर सिंह, डॉ. हरदीप राय शर्मा तथा मनोज शर्मा भी उपस्थित रहे।



