आयुष्मान गोल्डन कार्ड अभियान पर डीएम का कड़ारुख, एक सप्ताह में तेजी लाने का दिया निर्देश

पेंडेंसी वाले क्षेत्रों में विशेष कैंप लगाने के निर्देश, लापरवाही पर कार्यवाही के संकेत
जनपद में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत गोल्डन कार्ड बनाए जाने की प्रगति की समीक्षा हेतु आज जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी परीक्षित खटाना, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा, जिला विकास अधिकारी संजय सिंह तथा अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. उमाशरण पांडेय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में जिलाधिकारी ने आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाए जाने की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सख्त निर्देश जारी किए कि विशेष अभियान चलाकर एक सप्ताह के भीतर अधिकतम पात्र लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाए जाएं। उन्होंने कहा कि यह कार्य मिशन मोड में किया जाए तथा प्रत्येक ब्लॉक में समन्वय स्थापित कर गांव-गांव विशेष कैंप लगाकर पात्र लाभार्थियों को बुलाकर गोल्डन कार्ड बनवाए जाएं।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री तथा अंत्योदय कार्डधारक ऐसी श्रेणियां हैं जिनका गोल्डन कार्ड शत-प्रतिशत बनाया जाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि आशा-एएनएम स्वयं स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, इसलिए उनका गोल्डन कार्ड न बन पाना गंभीर विषय है। अतः इन सभी श्रेणियों को प्राथमिकता देते हुए व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर गोल्डन कार्ड बनवाना सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनने की पेंडेंसी अधिक है, वहां संबंधित आशा कार्यकर्त्रियां अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय रूप से लाभार्थियों से संपर्क कर गोल्डन कार्ड बनवाएं। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को अपने क्षेत्र के पात्र लाभार्थियों की पूरी जानकारी होती है, इसलिए वे घर-घर सूचना देकर लाभार्थियों को कैंप में बुलाएं और उनका गोल्डन कार्ड बनवाएं।
बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि बीडीओ, प्रभारी चिकित्साधिकारी, बीसीपीएम/बीपीएम, सीडीपीओ तथा सप्लाई इंस्पेक्टर आपसी समन्वय से अधिक पेंडेंसी वाले गांवों में विशेष कैंप आयोजित करें तथा आशा कार्यकर्ताओं और कोटेदारों के माध्यम से लाभार्थियों को सूचना देकर गोल्डन कार्ड बनवाने की कार्रवाई तेज की जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जिन आशा कार्यकर्त्रियों, कोटेदारों अथवा संबंधित कर्मियों की आईडी अगले सप्ताह तक सबसे नीचे रहेगी और प्रगति संतोषजनक नहीं पाई जाएगी, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि इस संबंध में सभी स्तरों से लिखित आदेश जारी किए जाएं ताकि अभियान को पूरी गंभीरता से लागू किया जा सके।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड अभी तक नहीं बन पाए हैं उनकी अलग सूची तैयार कर वास्तविक स्थिति का सत्यापन कराया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि अभियान की प्रतिदिन समीक्षा की जाएगी तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में जिलाधिकारी के आने से पूर्व मुख्य विकास अधिकारी परीक्षित खटाना ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए आयुष्मान गोल्डन कार्ड की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक निर्देश दिए। वहीं मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा ने भी चिकित्सा विभाग के सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देशित किया कि चयनित लाभार्थियों के आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाए जाने के कार्य में और तेजी लाई जाए तथा अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि अभियान की गति बढ़ाने के लिए जनपद के प्रत्येक ब्लॉक में अगले दिन शत-प्रतिशत बैठक आयोजित की जाए। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित ब्लॉकों में नायब तहसीलदार को नामित किया जाएगा, जिन्हें एडीएम (प्रशासन) द्वारा ब्लॉकवार निर्देशित किया जाएगा और वे वीडियो माध्यम से समन्वय स्थापित करेंगे।
इन बैठकों में खंड विकास अधिकारियों के माध्यम से संबंधित विभागों का समन्वय सुनिश्चित करते हुए अभियान को मिशन मोड में संचालित किया जाएगा, ताकि एक सप्ताह के भीतर अधिकतम लंबित कार्यों को पूरा कराया जा सके।




