परमात्मा तक पहुंचने के लिए भक्ति एकमात्र मार्ग है : समर्थगुरु सिद्धार्थ औलिया

परमात्मा तक पहुंचने के लिए भक्ति एकमात्र मार्ग है : समर्थगुरु सिद्धार्थ औलिया
हरियाणा संपादक – वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक।
ब्यूरो चीफ – संजीव कुमारी दूरभाष – 9416191877
कुरुक्षेत्र,16 मार्च : श्री दुर्गा देवी मन्दिर पिपली के पीठाधीश और समर्थगुरू मैत्री संघ हिमाचल के जोनल कोऑर्डिनेटर आचार्य डॉ. सुरेश मिश्रा ने वढेरा परिवार ,पिपली के घर में आयोजित
मां दुर्गा के संकीर्तन में सुदेश वढेरा,लुकेश वढेरा,रीता वढेरा,राजेश वढेरा, नीतू वढेरा, बलविंदर जीत वढेरा, काजल वढेरा, दीपक वढेरा, सोनिया वढेरा, तुषार वढेरा, निखिल वढेरा, कनिष्क वढेरा, वंशिका वढेरा, हेमैन और वढेरा परिवार को आदरणीय समर्थगुरु सिद्धार्थ औलिया जी द्वारा रचित दाम्पत्य प्रज्ञा पुस्तक भेंट की गई। इस शुभ अवसर पर आशा कवात्रा, सरोज शर्मा , सुमित्रा पाहवा, सुनीता , बिन्नी नय्यर, सुरेन्द्र कौर, रजनी और भक्त सुशील तलवाड़ आदि ने सभी भक्तों ने मां दुर्गा की और भगवान कृष्ण की भेंटे गाई और सुन्दर नृत्य किया। श्री दुर्गा देवी मंदिर पिपली के पुजारी पंडित राहुल मिश्रा ने वैदिक मंत्रों से मां दुर्गा की पूजा अर्चना और आरती करवाई।
डॉ. मिश्रा ने सभी का जीवन मंगलमय हो उसके लिए मां दुर्गा और भगवान शिव का ध्यान और सामूहिक मंगल प्रार्थना की। हम सभी को प्रेम और भक्ति से भगवान और अपने सदगुरू का ध्यान करना चाहिए। माता पिता ,सास ससुर और परिवार की सेवा करनी चाहिए। सभी आवश्यक कर्म करते हुए हम सभी को गृहस्थ जीवन में प्रेम से रहना चाहिए और भगवान की आरती और सुमिरन करना चाहिए ।
समर्थगुरु धाम, मुरथल, हरियाणा आश्रम में बहुत सुंदर धार्मिक और भक्तिमय आध्यात्मिक वातावरण है जिसका नेतृत्व स्वयं समर्थगुरु सिद्धार्थ औलिया और समर्थगुरु धारा टीम करती हैं। सभी ध्यान, योग और प्रज्ञा कार्यक्रम वैज्ञानिकता और आध्यात्मिकता पर आधारित है।
पूर्ण सदगुरु ही असली पथ प्रदर्शक होता है।
ट्वीटर के माध्यम से आदरणीय समर्थगुरु सिद्धार्थ औलिया ने बताया कि परमात्मा तक पहुंचने के लिए भक्ति एकमात्र मार्ग है। अन्य सभी मार्ग सहायक मार्ग हैं। जैसे गंगा की अनेक सहायक नदियाँ हैं, वैसे ही कर्म, तंत्र, हठ, ध्यान, समाधि आदि भक्ति योग के सहायक योग हैं।
जो है, और जो मिला, उसके लिए धन्यवाद कहने की आदत डालें।



