पवित्र सरस्वती तीर्थ में श्रद्धालुओं ने स्नान कर किया पिंडदान

पवित्र सरस्वती तीर्थ में श्रद्धालुओं ने स्नान कर किया पिंडदान
चैत्र चौदस मेले में भारी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु, दिल खोलकर किया दान, प्रशासन की चप्पे-चप्पे पर रही नजर, आज समाप्त होगा चैत्र चौदस मेला।
पिहोवा, प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी 18 मार्च : देश के विभिन्न हिस्सों से आए लाखों श्रद्धालुओं ने पावन सरस्वती तीर्थ में स्नान, पूजा व पिंडदान करके अपने पितरों की अक्षय मोक्ष की कामना की है। पिंडदान का विशेष महत्व होने के कारण आज भारी संख्या में श्रद्धालु पावन सरस्वती तीर्थ पर पहुंचे। श्रद्धालुओं ने अपने पुरोहितों से वंशावली भी देखी। भौर होते ही हजारों की संख्या में श्रद्धालु सरस्वती मां की जय जयकार करते हुए पावन सरस्वती तीर्थ पर स्नान के लिए पंहुचे व पावन जल में श्रद्धा की डुबकी लगा अपने पितरों को जल अर्पित किया।
इस दिन पिंडदान का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि यहां पर जो भी श्रद्धालु अपने पितरों का पिंडदान व उनको जल अर्पण करते है तो उनके पितर प्रसन्न होकर परिवार में सुख समृद्धि की वर्षा करते हैं। श्रद्धालुओं ने पिंडदान के बाद प्रेत पीपल पर जल व स्वामी कार्तिकेय मंदिर मेें तेल व दरगाही शाह पर घोड़े चढ़ाए। चैत्र चौदस मेले के तीसरे दिन पंजाब, हिमाचल, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, जम्मू कश्मीर, चंडीगढ़ सहित देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु यहां पहुंचे लेकिन सबसे ज्यादा संख्या पंजाब से आने वाले सिख श्रद्धालुओं की रही। श्रद्धालुओं ने विभिन्न मंदिरों व गुरुद्वारों में पूजा अर्चना भी की। मेला प्रशासक उपमंडल अधिकारी नागरिक अनिल कुमार दून ने कहा कि प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई। मेले में तैनात अधिकारी ओर कर्मचारी दिन रात श्रद्धालुओं को सुविधा मुहैया करवाने मे लगे हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा यात्रियों के चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही है। पुलिस प्रशासन श्रद्धालुओं को सुरक्षा देने के लिए तत्पर है।
एसडीएम अनिल कुमार दून ने मेला क्षेत्र में की गई व्यवस्थाओं का लिया जायजा।
उपमंडल अधिकारी नागरिक अनिल कुमार दून ने बुधवार को चैत्र चौदस मेला क्षेत्र में विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया और स्वयं नाकों को चैक भी किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आदेश दिए कि मेला क्षेत्र में श्रद्घालुओं के लिए सभी आवश्यक सुविधाए जारी रहनी चाहिए और पुलिस विभाग सुरक्षा व्यवस्था में जरा सी भी लापरवाही ना करे। मेले में आने वाले प्रत्येक श्रद्घालु की सुरक्षा व्यवस्था पर पूरा फोकस रखना है।
भंडारों से की श्रद्धालुओं की सेवा।
पावन चैत्र चौदस मेले मेें पंहुचे यात्रियों की सेवा के लिए नगर वासियों व विभिन्न शहरों से आए लोगों ने जगह जगह भंडारे लगाकर श्रद्धालुओं को भोजन करवाया। भंडारों का आलम यह था कि सरस्वती तीर्थ, पवन मार्किट कमेटी, गोल मार्किट, अंबाला रोड, अनाज मंडी, गुहला रोड, गुरुद्वारा रोड, प्राची तीर्थ, ब्रहम योनि सहित स्थान स्थान पर भंडारे लगाए गए थे, जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
धार्मिक भजनों ने बांधे रखा श्रद्धालुओं को।
चैत्र चौदस मेले में आए श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए जिला सूचना एवं जन संपर्क विभाग द्वारा रात को विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कलाकारों ने गीतों व भजनों के माध्यम से जहां लोगों को परमात्मा का संदेश दिया, वहीं उन्होंने सामाजिक कुरीतियों के प्रति भी जागरूक किया। इन कलाकारों ड्रामा पार्टी व भजन पार्टी सदस्यों ने पंजाबी शब्दों, धार्मिक भजनों विषयों पर गीत प्रस्तुत किए।
जनसंपर्क विभाग के सूचना केंद्र से प्रसारित की जा रही है आवश्यक सूचनाएं।
चैत्र चौदस मेले में हजारों की संख्या में पंहुचने वाले श्रद्धालुओं के सहायता के लिए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग कुरुक्षेत्र की तरफ से सूचना केंद्र स्थापित किया गया है। इस सूचना केंद्र के माध्यम से जरुरी सूचनाएं श्रद्घालुओं तक पहुंचाने का काम किया जा रहा है। इतना ही नहीं मेले के दौरान अपनों से बिछुड़े परिजनों को मिलवाने का काम भी सूचना केंद्र के माध्यम से किया जा रहा है।
दिल खोलकर किया दान।
दूर दराज से आए श्रद्धालुओं ने आज चैत्र चौदस के अवसर पर दिल खोलकर दान भी किया। मान्यता है कि पिहोवा क्षेत्र में किया जाने वाला पुण्य व पाप 13 दिन तक 13 गुणा फलीभूत होता है। जिसके चलते श्रद्धालु इस अवसर पर दिल खोलकर दान करते हैं।
सुरक्षा की संभाली कमान।
मेले में सुरक्षा एवं व्यवस्था को दुरस्त रखने के लिए शहर के बाहरी ओर आतंरिक जगहों पर नाकाबंदी ओर बेरिकेटस लगाकर सुरक्षा अधिकारियों ओर पुलिस कर्मचारियों ने सुरक्षा की कमान संभाल ली है। मेला क्षेत्र के आस पास पुलिस चैक पोस्ट बनाई गई है और आस-पास के जिलों से आए पुलिस कर्मचारियों को तैनात किया गया है।




