हरियाणा को दुग्ध उत्पादन में बेहतरीन स्थान पर लेकर आएं पशुपालक : नवीन जिन्दल

सांसद नवीन जिन्दल ने “स्वस्थ पशुधन–समृद्ध किसान” में पशुपालकों से किया संवाद।
बिगनैनो कंपनी द्वारा पशुओं में अर्ली प्रेगनेंसी डिटेक्शन किट का दिया गया लाइव डेमो।
नवीन जिन्दल फाउंडेशन द्वारा पशुपालन क्षेत्र में नई उन्नत तकनीकों की दी गई जानकारी।
थानेसर, प्रमोद कौशिक/ संजीव कुमारी 21 मार्च : सांसद नवीन जिन्दल की पहल पर धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में “नवीन अवसर, स्वस्थ पशुधन–समृद्ध किसान” कार्यक्रम का आयोजन कृषि विभाग के सभागार में शनिवार को किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के किसान एवं पशुपालकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में बिगनैनो वेंचर एनिमल डायग्नोस्टिक रिसर्च कंपनी की फाउंडर कोमल कालांत्री ने पशुओं की गर्भ जांच के लिए तैयार की गई प्रेगा किट की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस किट के माध्यम से पशुओं के रक्त की एक बूंद इसमें डालकर कुछ ही मिनट में गर्भावस्था का नेगेटिव और पॉजिटिव रिजल्ट चेक किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि गर्भ की सही समय पर जचने हो पाने के कारण देश के पशुपालक लगभग 70 हजार करोड़ का नुकसान प्रतिवर्ष उठा रहे हैं। प्रेगनेंसी मैनुअल तरीके से चेक करने में 70 दिन का समय लगता है। जबकि इस किट के माध्यम से 28 दिन में पशु की प्रेगनेंसी चेक की जा सकती है । जिले से पहुंचे पशुपालकों में यह किट भी निःशुल्क वितरित की गई। सांसद नवीन जिन्दल ने गर्भावस्था किट के प्रयोग का डेमो भी पशुपालकों को दिखाया। साथ ही जांच का रिजल्ट पॉजिटिव आने पर गाय के मालिक को सांसद नवीन जिन्दल ने बधाई भी दी।
सांसद नवीन जिन्दल ने कहा कि पशुपालकों की तरह उन्हें भी बचपन से पशुओं के प्रति विशेष लगाव है। उनका प्रयास है कि पशुपालक विभिन्न तकनीकों का प्रयोग करके दुग्ध उत्पादन से मुनाफा कमाएं। लाइव स्टॉक हेल्थ एंड प्रेगनेंसी डिटेक्शन ट्रेनिंग कैंप का उद्देश्य अभी यही है कि किसानों को पशुओं के गर्भाधान से संबंधित तकनीक की जानकारी मिल सके।
उन्होंने कहा कि उनका प्रयास है कि गुजरात जैसे दुग्ध उत्पादन में समृद्ध प्रदेशों से प्रेरणा लेकर यहां के पशुपालक भी हरियाणा को दुग्ध उत्पादन में बेहतरीन स्थान पर लेकर आएं।
सांसद नवीन जिन्दल ने पशुपालकों की समस्याओं को भी सुना। सांसद जिन्दल ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी का प्रयास है कि ग्राम स्तर पर पशुओं के लिए अच्छे चिकित्सालय स्थापित हों । इसके लिए सरकार ने विभिन्न योजनाएं चलाई हुई हैं। इस दौरान पशुपालकों ने बताया कि उनकी मांग है कि दूध का भी फसलों की तरह एमएसपी तय हो तथा उन्हें सेक्स सोर्टिड सीमन उपलब्ध कराया जाए। सांसद ने अपने कार्यालय की टीम को निर्देश देते हुए कहा कि पशुपालकों से बातचीत करके उनकी समस्याओं को लिखित रूप में संबंधित विभागों तक पहुंचाया जाए ताकि इनका समाधान हो सके।
नवीन जिन्दल फाउंडेशन की ओर से डॉ. मनीष मिश्रा ने बताया कि फरवरी में पशुधन प्रदर्शनी में सांसद नवीन जिन्दल ने पशुधन को समृद्ध बनाने की घोषणा की थी ताकि पशुपालन से जुड़े लोगों की आय बढ़ाई जा सके। प्रशिक्षकों के माध्यम से इस किट का पशुपालकों को प्रशिक्षण भी दिया गया ताकि पशुओं के ड्राई पीरियड को कम किया जा सके। इस अवसर पर प्रोफेसर राकेश अरावतिया इरमा, डॉ. करमचंद डिप्टी डायरेक्टर एग्रीकल्चर कुरुक्षेत्र, डॉ. सूर्य खटकड़ डिप्टी डायरेक्टर एनिमल हसबेंडरी कैथल, विजय वेदपाल, नरेश रेड्डी और कुरुक्षेत्र जिले से आए पशुपालक व किसान उपस्थित थे।




