
कला समाज को दिशा देने का सशक्त माध्यमः डॉ. सुनीता सिरोहा
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कला के माध्यम से सामाजिक सरोकारों को उजागर करती ‘द डिजाइन जर्नी’ प्रदर्शनी।
कुरुक्षेत्र, 20 अप्रैल : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में ललित कला विभाग में 20 से 22 अप्रैल तक “द डिजाइन जर्नी” शीर्षक से तीन दिवसीय कला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन डॉ. सुनीता सिरोहा द्वारा, विभागाध्यक्ष डॉ. गुरचरण सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया।
प्रदर्शनी में विद्यार्थियों की सृजनात्मकता, कल्पनाशीलता तथा समकालीन कला का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला। इसमें एप्लाइड आर्ट और समकालीन कला के विभिन्न रूपों को आकर्षक एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। प्रत्येक कलाकृति अपने भीतर एक विशेष विचार, भावना और सामाजिक संदेश समेटे हुए थी, जिसने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया। प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य कला के माध्यम से सामाजिक सरोकारों को उजागर करना और समाज में जागरूकता फैलाना रहा। विद्यार्थियों ने अपने रचनात्मक कार्यों के जरिए वर्तमान समय के महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रभावी रूप में प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. सुनीता सिरोहा ने कहा कि कला केवल अभिव्यक्ति का माध्यम ही नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने का सशक्त साधन भी है। उन्होंने विद्यार्थियों की रचनात्मकता की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनी युवा कलाकारों को अपनी प्रतिभा निखारने और सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता फैलाने का अवसर प्रदान करती है।
अंकिता ने सेंटेड कैंडल्स के माध्यम से खुशबू और भावनाओं के संबंध को रचनात्मक रूप से दर्शाया, जबकि कृति ने अपने अभियान के जरिए किसानों की मेहनत, संघर्ष और उनके महत्व को उजागर किया। उनकी प्रस्तुति ने समाज को किसानों के प्रति अधिक जागरूक और संवेदनशील बनने का संदेश दिया। वहीं निकिता का “कुकीज़ सर्विस” अभियान स्वाद और रचनात्मकता का अनूठा संगम प्रस्तुत करता है, जो हर कुकी को एक विशेष अनुभव में बदलने का प्रयास है।
विभागाध्यक्ष डॉ. गुरचरण सिंह ने बताया कि “द डिजाइन जर्नी” प्रदर्शनी न केवल विद्यार्थियों की कलात्मक प्रतिभा को प्रदर्शित करने का सशक्त मंच बनी, बल्कि इसने यह भी सिद्ध किया कि युवा कलाकार अपनी रचनात्मकता के साथ-साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भी गंभीरता से समझते हैं। इस अवसर पर विभाग के प्राध्यापकगण, विद्यार्थी एवं कला प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।


