
“रविवार को भी मैदान में” आजमगढ़ के जन आरोग्य मेलों की एक अलग कहानी
मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला प्रदेश भर में आयोजित होता है, लेकिन आजमगढ़ में इसकी एक विशेष पहचान बनती जा रही है । मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. एन. आर. वर्मा की सतत मैदानी उपस्थिति।
सितंबर 2025 में मुख्य चिकित्साधिकारी का कार्यभार ग्रहण करने के बाद से डाॅ. वर्मा ने जनपद के लगभग सभी मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला स्थलों का भ्रमण कर लिया है। अनेक स्वास्थ्य केंद्र ऐसे हैं जहाँ वे एक नहीं, बल्कि दो-दो और तीन-तीन बार पहुँच चुके हैं।
रविवार का अवकाश हो या व्यस्त प्रशासनिक कार्यक्रम, जन आरोग्य मेलों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए उनका फील्ड विजिट लगातार जारी रहा। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केवल व्यवस्थाओं का जायजा ही नहीं लिया, बल्कि मरीजों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएँ सुनीं, स्वास्थ्यकर्मियों का उत्साहवर्धन किया और मौके पर ही आवश्यक सुधारात्मक निर्देश भी दिए।
इन नियमित भ्रमणों का परिणाम यह रहा कि स्वास्थ्य केंद्रों पर सेवाओं की गुणवत्ता, लाभार्थियों की सहभागिता और कार्यक्रम के प्रति जनविश्वास में निरंतर वृद्धि देखने को मिली। स्वास्थ्य विभाग की टीमों में भी यह संदेश गया कि जन आरोग्य मेला केवल औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य से जुड़ा एक महत्वपूर्ण अभियान है जिसकी निगरानी शीर्ष स्तर से की जा रही है।
जनपद के कई ग्रामीण क्षेत्रों में अब लोग यह चर्चा करते दिखाई देते हैं कि “सीएमओ साहब कभी भी मेला देखने पहुँच सकते हैं”, और यही भावना स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने की सबसे बड़ी प्रेरणा बन गई है।
आजमगढ़ में मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला केवल स्वास्थ्य सेवाओं का मंच नहीं, बल्कि नेतृत्व, जवाबदेही और जनसेवा के समन्वय का एक सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है।


