
बीएससी एग्रीकल्चर, बीएससी नर्सिंग, डी. फार्मेसी, बी. फार्मेसी और बीएससी फिजियोथेरेपी में भी होंगे दाखिले।
बीवॉक एयर कंडीशनिंग एन्ड रेफ्रिजरेशन में हर विद्यार्थी को पहले महीने से मिलेगा 15 हजार स्टाइपेंड।
इस सत्र में 65 प्रोग्राम में होंगे दाखिले, प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ।
पलवल,प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी 21 मई : श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय ने इस सत्र में 12 नए प्रोग्राम शुरू करने की घोषणा की है। अब देश की पहली स्किल यूनिवर्सिटी में प्रोग्राम की कुल संख्या 65 हो गई है। बृहस्पतिवार को कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने विश्वविद्यालय के तक्षशिला भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस सत्र से बीएससी एग्रीकल्चर, बीएससी नर्सिंग, डिप्लोमा इन फार्मेसी, बी फार्मेसी, बीवॉक एयर कंडीशनिंग एन्ड रेफ्रिजरेशन, बीवॉक प्रिंटिंग एन्ड पैकेजिंग, बीवॉक इंटीरियर डिजाइन, बीवॉक फ्रेंच, बैचलर ऑफ़ परफार्मिंग आर्ट (म्यूजिक), बीएफए और एलएलएम शुरू किए गए हैं। बैचलर इन फिजियोथेरेपी प्रोग्राम भी शुरू किया जा रहा है, इसकी मान्यता की प्रक्रिया पूर्णता की ओर है।
कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने कहा कि युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता मंत्री श्री गौरव गौतम का इस विश्वविद्यालय को आगे बढ़ाने में विशेष योगदान मिल रहा है। यह विश्वविद्यालय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकताओं में है। उन्होंने बताया कि एयर कंडीशनिंग के क्षेत्र में तीन दिग्गज कंपनियों की भागीदारी से कोर्स शुरू करने जा रहे हैं। इसमें विद्यार्थियों को पहले महीने से ही स्टाइपेंड मिलना शुरू हो जाएगा। विद्यार्थी शुरू से ही 15 हजार रुपए कमाना शुरू करेंगे और कोर्स पूरा होने के उनको कम्पनी ही गारंटीशुदा जॉब देगी। पहले सत्र में ही 500 विद्यार्थियों को दाखिला दिया जाएगा। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने बताया कि दिल्ली एनसीआर में मांग को देखते हुए बीवॉक प्रिंटिंग एन्ड पैकेजिंग शुरू किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी देश को सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं। इसको ध्यान में रखते हुए बीटेक इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग वीएलएसआई और पीजी डिप्लोमा इन सेमीकंडक्टर डिवाइस पैकेजिंग शुरू किया है। साथ ही एयरलाइन्स के क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाओं को देखते हुए बीबीए एयरलाइन्स एन्ड एयरपोर्ट मैनेजमेंट तथा पीजी डिप्लोमा इन एयरपोर्ट ऑपरेशन्स एन्ड मैनेजमेंट शुरू किया है। इसमें एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया इंडस्ट्री पार्टनर है। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने बताया कि लगभग सभी प्रोग्राम में इंडस्ट्री पार्टनर हैं और विद्यार्थी आधा समय क्लास रूम में पढ़ते हैं और लैब में सीखते हैं और आधा समय इंडस्ट्री में जाकर ऑन द जॉब ट्रेनिंग करते हैं। इससे उनको स्टाइपेंड भी मिलता है। यही अर्न व्हाइल लर्न मॉडल है। इसी वजह से प्लेसमेंट 80 प्रतिशत से अधिक रहता है। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने बताया कि हमारे पांच विद्यार्थियों ने इस बार इंडिया स्किल्स 2024-25 में मेडल जीते हैं, इनमें दिनेश कुमार, लोचन कुमार, कन्हैया कुमार, सुमित कुमार और त्विशा के नाम शामिल हैं। यह एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि लगभग 500-500 बेड के महिला एवं पुरुष छात्रावास तैयार हैं। इस अवसर पर कुलसचिव प्रोफेसर ज्योति राणा, अकादमिक अधिष्ठाता प्रोफेसर विक्रम सिंह और ग्रीन टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के चेयरपर्सन प्रोफेसर सुनील कुमार गर्ग भी उपस्थित थे।


