
लालगंज (आज़मगढ़)।
जनपद के लालगंज तहसील अंतर्गत रसूलपुर बाजबहादुर ग्राम में एक गरीब और असहाय मजदूर की भूमिधर जमीन पर दबंगों द्वारा जबरन अवैध कब्जा करने और धमकी देने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। पीड़ित ने जिलाधिकारी आजमगढ़ को शिकायती पत्र सौंपकर जान-माल की सुरक्षा और प्रशासनिक संरक्षण की गुहार लगाई है।
क्या है पूरा मामला?
ग्राम रसूलपुर बाजबहादुर निवासी पीड़ित फिरतू पुत्र मुरली ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह गाटा संख्या-136 मि., रकबा 0.0320 हेक्टेयर भूमि का राजस्व अभिलेखों में दर्ज वैध भूमिधर और विधिक कब्जेदार है। आरोप है कि गांव के ही विपक्षी दिलगनी पुत्र फकीर, मुनव्वर पुत्र फकीर और उनके परिवार के लोग पीड़ित की इस जमीन पर नियत खराब कर रहे हैं। विपक्षियों द्वारा लगातार जमीन पर अवैध हस्तक्षेप, जबरन कब्जे का प्रयास और पीड़ित को बेदखल करने की धमकियां दी जा रही हैं।
मजदूरी छोड़ बार-बार दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर
पीड़ित फिरतू ने अत्यंत भावुक होकर बताया कि वह एक अत्यंत गरीब और भूमिहीन श्रेणी का मजदूर है। उसके पूरे परिवार का भरण-पोषण दैनिक मजदूरी पर निर्भर है। आर्थिक तंगी के कारण वह लंबी अदालती लड़ाई लड़ने या महंगे वकीलों का खर्च उठाने में पूरी तरह असमर्थ है। पीड़ित का कहना है कि यदि उसे बार-बार तहसील या सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने पड़े, तो उसके सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो जाएगी, और विपक्षी इसी लाचारी का फायदा उठाना चाहते हैं।
वर्षा ऋतु में कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका
वर्तमान में वर्षा ऋतु का समय होने के कारण पीड़ित अपनी जमीन की घेराबंदी (बाउंड्री) कराना चाहता है, लेकिन विपक्षियों के खौफ और विरोध के कारण वह ऐसा नहीं कर पा रहा है। पीड़ित ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते प्रशासन ने उसे सुरक्षा और संरक्षण नहीं दिया, तो विपक्षी उसकी जमीन पर अवैध कब्जा कर लेंगे, जिससे मौके पर शांति-व्यवस्था भंग हो सकती है।
पीड़ित ने की यह मांग:
- गाटा संख्या-136 मि. की सक्षम राजस्व अधिकारियों द्वारा तत्काल निष्पक्ष व पारदर्शी मौके पर जांच कराई जाए।
- पीड़ित की लाचारी को देखते हुए मामले का निस्तारण मौके पर ही किया जाए, ताकि उसे बार-बार दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
- वर्षा ऋतु को देखते हुए जमीन की घेराबंदी के लिए प्रशासनिक व पुलिस बल का संरक्षण प्रदान किया जाए।
- दबंग विपक्षियों के खिलाफ तत्काल विधिक व दंडात्मक कार्रवाई की जाए।


