
जांच समिति गठित, सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट करने वालों पर होगी कार्रवाई
आजमगढ़, संवाददाता। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्त में मिलावट की सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों को अस्पताल प्रशासन ने सिरे से खारिज कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि ब्लड बैंक से जारी हर रक्त यूनिट NACO की गाइडलाइन के अनुसार जांच के बाद ही मरीजों को दी जाती है। शिकायत के बाद की गई दोबारा जांच में भी कोई गड़बड़ी नहीं मिली।पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर ब्लड में मिलावट और डाइल्यूट करने के दावे वायरल हो रहे थे। इस पर स्थिति स्पष्ट करते हुए ब्लड बैंक प्रभारी ने बताया कि रक्तदान से लेकर मरीज को रक्त चढ़ाने तक हर यूनिट कई चरणों की जांच से गुजरती है। बिना सभी परीक्षण पूरे किए कोई यूनिट जारी नहीं की जाती। उन्होंने कहा कि रक्त में मिलावट संभव ही नहीं है। अगर किसी कारण रक्त मरीज के अनुकूल नहीं होता तो चिकित्सकीय प्रक्रिया के दौरान उसकी तुरंत पहचान हो जाती है। इसलिए बिना तथ्य के भ्रामक जानकारी फैलाना गलत है।
मंडलीय चिकित्सालय के एसआईसी डॉ सतीश चंद्र कनौजिया ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी गई है। जांच रिपोर्ट जल्द सार्वजनिक की जाएगी। यदि यह साबित होता है कि किसी ने जानबूझकर अफवाह फैलाकर भय का माहौल बनाया है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया पर वायरल अपुष्ट संदेशों पर भरोसा न करें। किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर विश्वास करें ताकि मरीजों और उनके परिजनों में अनावश्यक भय न फैले।


