
थानेसर, प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी 3 जुलाई : राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के अंतर्गत गुरुकुल कुरुक्षेत्र के प्राकृतिक कृषि फार्म में आयोजित एक माह की प्राकृतिक कृषि इंटर्नशिप का सफलतापूर्वक समापन हुआ। यह इंटर्नशिप 1 जून से 30 जून तक आयोजित की गई, जिसमें कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के 45 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस इंटर्नशिप में एम.एससी. बॉटनी, एम.एससी. जूलॉजी, एम.एससी. एनवायरनमेंटल साइंस तथा एम.एससी. ज्योग्राफी के विद्यार्थियों ने प्राकृतिक कृषि के सिद्धांतों एवं व्यवहारिक तकनीकों का गहन प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को बीज उपचार, जीवामृत एवं घनजीवामृत निर्माण, प्राकृतिक कीट एवं रोग प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, जैव विविधता, फसल प्रबंधन तथा प्राकृतिक कृषि की विभिन्न व्यावहारिक गतिविधियों का प्रत्यक्ष अनुभव कराया गया।
इंटर्नशिप के समापन समारोह में गुरुकुल के प्रधान श्री राजकुमार गर्ग मुख्य अतिथि के रूप में पधारे और उन्होंने सभी छात्रों को प्रमाण-पत्र बांटे। इस अवसर पर व्यवस्थापक श्री रामनिवास आर्य, कुरुक्षेत्र के जिला उद्यान अधिकारी (DHO) डॉ. शिवेन्दु प्रताप सिंह सोलंकी, डॉ. गगनदीप सिंह तथा श्री प्रकाश जी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि श्री राजकुमार गर्ग ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्राकृतिक कृषि केवल खेती की एक पद्धति नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, मानव स्वास्थ्य एवं टिकाऊ कृषि व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण आंदोलन है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने अर्जित ज्ञान को समाज एवं किसानों तक पहुँचाकर प्राकृतिक कृषि के प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाएँ।
समारोह में उपस्थित अतिथियों ने विद्यार्थियों को सफलतापूर्वक इंटर्नशिप पूर्ण करने पर बधाई दी तथा भविष्य में प्राकृतिक एवं टिकाऊ कृषि के क्षेत्र में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
गुरुकुल कुरुक्षेत्र द्वारा आयोजित यह इंटर्नशिप विद्यार्थियों के लिए प्राकृतिक कृषि का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने तथा नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुई।


