शिव कथा में शिव-पार्वती विवाहोत्सव की रही धूम

हिमाचल प्रदेश राज्यपाल माननीय श्री कविंदर गुप्ता ने कथा में पहुंचकर लिया आशीर्वाद

(पंजाब) फिरोजपुर 04 जुलाई [कैलाश शर्मा जिला विशेष संवाददाता]=

   दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा खलीनी,शिमला में आयोजित भगवान शिव कथा के पंचम दिवस कथाव्यास डॉ. सर्वेश्वर जी ने महापार्थिवेश्वर हिमालयराज की शक्तिस्वरूपा पुत्री पार्वती जी का भगवान शिव के संग विवाह प्रसंग प्रस्तुत किया, जो कि गूढ़ अध्यात्मिक संदेश समेटे हुए है। माता पार्वती जीवात्मा का प्रतीक हैं और भगवान शिव साक्षात् परब्रह्म परमेश्वर के। हम समस्त जीवों का उस परमात्मा के साथ मिलन किस प्रकार संभव है? जैसे नारद जी माँ पार्वती के गुरु बन कर आए। ठीक ऐसे ही, हमें भी अपने जीवन में नारद जी जैसे एक ब्रह्मनिष्ठ तत्त्ववेत्ता सद्गुरु का सान्निध्य चाहिए जिनके कृपाहस्त तले हम उस ईश्वर अर्थात् शिव का साक्षात्कार कर पाएंगे।  

इसी के साथ कथाव्यास जी ने समाज में प्रचलित एक धारणा का भी खंडन करते हुए कहा कि लोग अक्सर सोचते हैं कि भगवान शिव के विवाह में नंदी-भृंगी इत्यादि समस्त शिवगण अत्यंत प्रसन्न होकर भांग की मस्ती में झूम उठे थे और उसी का अनुसरण करते हुए आज लोग भी महाशिवरात्रि पे नशों का सेवन करते हैं।

        यह हमारे समाज की विडंबना है कि भगवान शिव के नाम पर हम ईश्वर के उस अमृत रस को छोड़कर सांसारिक नशों का पान करते हैं। हमारे शास्त्र ग्रंथ कहते हैं कि जिसमें क्षण मात्र की भी शांति नहीं है, वह नशा है। यहीं तो कारण है आज इन नशों ने लोगों की शांतपूर्ण गृहस्थी को भी अशांत कर दिया है। कहीं प्रपंच फूट रहें हैं और कहीं रिश्ते टूट रहे हैं। न जाने कितने ही हँसते-खेलते परिवार तलाक की वेदी पर बलि चढ़ रहे हैं। आज भारतीय समाज का सारा ताना-बाना ही तहस-नहस होने के कगार पर आ खड़ा हुआ है। ऐसे में ये अत्यंत आवश्यक है कि हम अज्ञानता की गूढ़ नींद से जागें। अगर नशा करना ही है तो वो नशा करें जो भारत की धरती के सच्चे भक्तों ने किया; ब्रह्मज्ञान का नशा, भोलेनाथ की भक्ति का नशा। जब गुरु-कृपा से ब्रह्मज्ञान द्वारा हम अपने घट में भोलेनाथ का दर्शन प्राप्त करेंगे तो मन स्वत: ही प्रभु नाम की मस्ती में झूम उठेगा। तब ये सांसारिक नशे हमें लुभाएँगे नहीं और हमारा मन उत्तम आदर्श व संयम के पंख लगाकर अध्यात्म के आकाश में उन्मुक्त उड़ान भरेगा। और फिर हमारी गृहस्थी भी शिव-परिवार की तरह शांति, सामंजस्य व सौहार्द्र की अनुपम झाँकी बन जाएगी।

कथा में हिमाचल प्रदेश राज्यपाल श्री कविंदर गुप्ता भी विशेष रूप से शामिल हुए।राज्यपाल जी ने कथा व्यास को माल्यार्पण कर हिमाचली टोपी पहनाकर अभिनंदन किया।

    राज्यसभा सांसद डॉ सिकन्दर कुमार ने भी कथा व्यास जी को पुष्पगुच्छ भेंट कर हिमाचली टोपी पहनाकर अभिनंदन किया।

   राज्यपाल जी ने दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा सनातन धर्म के प्रचार प्रसार एवं लोक कल्याण के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की।

पावन आरती में राज्यपाल कविंदर गुप्ता के साथ राज्यसभा सांसद डॉ सिकन्दर कुमार, पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, शिमला महापौर सुरेन्द्र चौहान, उपमहापौर उमा कौशल, प्रांत प्रचार प्रमुख प्रताप समयल, एसएसबी कमांडेंट नरेन्द्र सिंह, संजय सूद, एडवोकेट नीलकमल सूद आदि भी उपस्थित रहे।

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