
दीपक शर्मा (जिला संवाददाता )
बरेली : नेपाल के लुम्बिनी प्रदेश में लमही नगरपालिका के सहयोग से चारु साहित्य प्रतिष्ठान नेपाल द्वारा एक सभागार में, विशुद्ध साहित्यिक वार्षिक पत्रिका स्पर्शी का विमोचन धूमधाम से किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ शारदे माँ के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन से किया।
समारोह अध्यक्ष तेजप्रसाद खनाल एवं लमही नगरपालिका की उप मेयर लक्ष्मी योगी ने बताया कि विभिन्न क्षेत्रों के साहित्यकारों द्वारा रचित अलग-अलग विधाओं की कविताओं को प्रेषित करती हुई स्पर्शी पत्रिका, साहित्यिक जगत में अपनी विशेष पहचान बना चुकी है।
चारु साहित्य प्रतिष्ठान नेपाल के अध्यक्ष डॉक्टर देवी पंथी ने कहा कि साहित्य के सूरज की प्रबल किरण की तरह ही स्पर्शी पत्रिका कार्य कर रही है जिसका प्रकाश, साहित्यिक दुनिया में फैल रहा है। इस बार इस पत्रिका में चारु विधा को शामिल करके नेपाल में भी विशेष स्थान दिया जाएगा और इसके अगले अंक संपादन पर अतुल कुमार शर्मा को पुनः सम्मानित किया जाएगा।
स्पर्शी पत्रिका के सक्रिय सदस्य एवं चारु के हिन्दुस्तानी जनक दीपक गोस्वामी चिराग ने बताया कि इस पत्रिका में, कुरीतियों को दूर करने एवं समाज को संस्कारित बनाने वाले लेखों को ही स्थान दिया जाता है। कोई भी साहित्यिक पत्रिका द्वारा निरंतरता बनाए रखना, आज के डिजिटल युग में थोड़ा कठिन कार्य तो है ही, लेकिन स्पर्शी पत्रिका के चतुर्थ पुष्प का प्रकाशन होना, खुशी एवं गौरव की बात है।
बतौर मुख्य अतिथि नंदलाल मणि त्रिपाठी ने कहा कि भारत की पहचान बन चुकी स्पर्शी पत्रिका, निरंतर साहित्य की सेवा कर रही है और इसके माध्यम से नवांकुर प्रतिभाओं को निखरने का अवसर प्राप्त होता है। इसमें कहानी, गीत, गजल आदि का संग्रह होने के कारण, नवीन प्रतिभाओं में भी कविता का बीज अंकुरित होता है। प्रोफेसर घनश्याम परिश्रमी ने संपादक अतुल कुमार शर्मा एवं संरक्षक अजय कुमार शर्मा को निरंतर साहित्य पथ पर अग्रसर रहने हेतु बधाईयांँ देते हुए, उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया।
इसी समारोह में चितरंजनी, सम्मोहिनी, बर्धघाट की मुख पत्रिका सहित सात पुस्तकों का विमोचन किया गया। इस अवसर पर घनश्याम परिश्रमी, गोपाल ठहाका,पी एस यादव, संजना शर्मा, नागेन्द्र प्रसाद यादव, अनुराग अरुण, सक्सैस खनाल आदि लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता तेजप्रसाद खनाल ने एवं संचालन डॉ देवी पंथी ने किया।

