
अजमेर (VV NEWS अजमेर ब्यूरो चीफ सैयद हामिद अली) | 27 जुलाई:
विश्व हेपेटाइटिस दिवस के उपलक्ष्य में सोमवार को पुरानी मंडी स्थित सेंट्रल गर्ल्स स्कूल में कक्षा 9 से 12 की छात्राओं के लिए विशेष हेपेटाइटिस जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जेएलएन मेडिकल कॉलेज, अजमेर एवं सेंट्रल गर्ल्स स्कूल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ।
जेएलएन मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. अनिल सामरिया के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
विशेषज्ञ डॉक्टरों ने दिए बचाव व उपचार के गुर
कार्यक्रम के दौरान जेएलएन मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. जे.पी. नारायण तथा SRL नोडल ऑफिसर (NVHCP) डॉ. ज्योत्सना चांदवानी ने छात्राओं को हेपेटाइटिस के विभिन्न प्रकारों, इसके लक्षणों, बचाव के उपायों, समय पर जांच, टीकाकरण तथा उपलब्ध उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और जागरूकता के माध्यम से इस बीमारी की रोकथाम पर विशेष जोर दिया।
क्विज प्रतियोगिता में विजेताओं को किया पुरस्कृत
माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. गीता परिहार ने बताया कि जागरूकता सत्र के बाद छात्राओं के लिए हेपेटाइटिस विषय पर एक क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में सही उत्तर देने वाली विजेता छात्राओं को समाजसेवी श्री यतीश अग्रवाल द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्या विजय लक्ष्मी शर्मा सहित शिक्षकगण किरण शर्मा, मिश्री लाल, कालूराम चंदेल, नीलम कंवर एवं अंजना गहलोत उपस्थित रहे।
कल निकलेगी विशाल जागरूकता रैली, दिलाई जाएगी अंगदान की शपथ
नोडल ऑफिसर (MTC) डॉ. मुनेश मीणा ने बताया कि विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर 28 जुलाई को प्रातः 9:00 बजे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) अजमेर एवं जेएलएन मेडिकल कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में एक विशाल हेपेटाइटिस जागरूकता रैली निकाली जाएगी।
- रैली का मार्ग: यह रैली जेएलएन मेडिकल कॉलेज से प्रारंभ होकर बजरंगगढ़ चौराहा होते हुए पुनः जेएलएन मेडिकल कॉलेज परिसर पहुंचकर संपन्न होगी।
- हरी झंडी: रैली को जेएलएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनिल सामरिया एवं सीएमएचओ डॉ. ज्योत्स्ना रंगा हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
- विशेष पहल: रैली के समापन के बाद भाग लेने वाले विद्यार्थियों को अंगदान (Organ Donation) की शपथ दिलाई जाएगी, ताकि समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़े और लोग इसके लिए प्रेरित हो सकें।

