
रायबरेली (10 अगस्त 2026) | रिपोर्ट: विपिन राजपूत
विकास भवन स्थित महात्मा गांधी सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका की अध्यक्षता में ‘विकसित भारत-जी राम जी योजना’ के सफल एवं प्रभावी क्रियान्वयन हेतु ‘पंच सम्मेलन’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी एवं अन्य अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य जनपद की ग्राम पंचायतों में व्यवस्थित, पारदर्शी और सतत विकास को गति देना तथा योजना के तहत स्थानीय प्राथमिकताओं के आधार पर व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार करना रहा। सम्मेलन में जनपद भर के खंड विकास अधिकारी (BDO), ग्राम पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान बड़ी संख्या में शामिल हुए।
ग्राम पंचायतें विकास की सबसे महत्वपूर्ण इकाई: जिलाधिकारी संबोधन के दौरान जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने कहा कि ग्राम पंचायतें किसी भी क्षेत्र के विकास की नींव होती हैं। उन्होंने ग्राम प्रधानों और सचिवों को निर्देश दिए कि वे उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए गांव की वास्तविक आवश्यकताओं का सटीक आकलन करें।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि योजना के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता से कोई समझौता न किया जाए। उन्होंने कहा, “ऐसे विकास कार्यों का चयन करें जिनका स्थायी और सकारात्मक प्रभाव ग्रामीणों के जीवन पर पड़े और अंतिम व्यक्ति तक योजना का लाभ पहुंचे।”
तकनीकी सहयोग और आपसी समन्वय पर जोर सम्मेलन के दौरान अधिकारियों द्वारा ‘विकसित भारत-जी राम जी योजना’ के विभिन्न प्रावधानों, प्राथमिकता निर्धारण, बजट प्रबंधन और कार्ययोजना बनाने की प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। उपस्थित प्रतिनिधियों की शंकाओं का समाधान भी मौके पर ही किया गया। जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ग्राम पंचायतों को निरंतर मार्गदर्शन एवं तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराएं।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी (CDO) अंजुलता, उपायुक्त श्रम रोजगार प्रमोद सिंह, जनपद के समस्त खंड विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत सचिव एवं ग्राम प्रधान उपस्थित रहे।


