
तरवा ब्लॉक में एक बूंद जल के लिए तरस रहे हैं ग्रामीण
सरकार की योजना को दिखाया ठेंगा,हर घर जल हुवा फेल
आजमगढ़ जिले के बहुत चर्चित ब्लॉक तरवा का ग्राम सभा सराय बिंद्रावन से एक बेहद शर्मनाथ मामला खुलकर सामने आया है। जहां प्रदेश की योगी सरकार गांव को स्वच्छ भारत मिशन का नारा देकर ग्रामीणों की हित के लिए दिन-रात काम कर तरह-तरह की योजना चलाती है। लगभग 18 लाख की लागत से पंचायत भवन का निर्माण पेपर में कंप्लीट दिखाया गया लेकिन धरातल पर कुछ अलग ही मिला है। वही शौचालय के नाम पर कई लाखों का गमन बताया गया ग्रामीणों का आरोप है कि इंडियामार्का हैंडपंप रिबोर के नाम पर सरकारी धन का बखूबी तरीके से बंदर बांट कर लिया गया है लेकिन हम ग्रामीण लोगों को एक बूंद जल नसीब तक नहीं हुआ है। वर्तमान प्रधान महेंद्र पासवान एवं सचिव उमाशंकर ने इंडियामार्का हैंडपंप रिबोर के नाम पर कई लाखों रुपए का गमन कर लिया है। जिसका जीता जागता उदाहरण पंचायत भवन पर लगे इंडिया मार्का हैंडपंप खुद को बयां कर रहा है। इतना ही नहीं शौच करने के लिए महिला पुरुष को जहां केंद्र व प्रदेश की सरकार तमाम योजना चलाती है वही सराय बिंद्रावन ग्राम सभा तरवा ब्लॉक का सरकार की योजना को तार-तार करते नजर आ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि शौचालय से लेकर डस्टबिन साफ सफाई एवं पानी की बहुत ही बुरी स्थिति बनी हुई है आप खुद को देखकर अंजदा लगा सकते हैं इस ग्राम सभा में सफाई कर्मी अगर आता है या नहीं स्थानीय लोगों का कहना है प्रधान महेंद्र पासवान की तूती बोलती है। जो एससी एसटी का धौंस देकर सबको डरा धमकाए रहते हैं कोई कुछ बोलने वाला नहीं है जिसकी जानकारी के लिए खंड विकास अधिकारी तरवा को कई बार फोन किया गया लेकिन उनका फोन प्राइवेट क्या सरकारी नंबर भी रिसीव नहीं होता है। ग्रामीण दर-दर की ठोकरे खाकर भटक रहे हैं लोगों ने बताया कि भाजपा सरकार विरोधी प्रधान सरकार को बदनाम करने में कही से कोई कसर नही छोड़ रखा है। लेकिन ब्लॉक के जिम्मेदार अधिकारी हाथ पैर हाथ रख बैठे हुए हैं इन ग्रामीण की सुध लेने वाला कोई नहीं है। क्योंकि लोगों को भय सताता है विरोध करने पर एससी एसटी में फंसा दिया जाएगा स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार की योजना को केवल पेपर में दिखाकर सरकारी धन का बंदर बाट वखूबी तरीके से कर लिया गया है। डस्टबिन सीमेंट ब्रेंच नाली व सार्वजनिक शौचालय इंडिया मार्का हैंडपंप रिबोर की धरातल पर उच्च अधिकारियों द्वारा जांच कर दिया जाए तो संबंधित ब्लॉक के कर्मचारी जेल के सुर्खियों में होंगे अब देखना यह होगा कि जिले के तेजतर्रा जिला अधिकारी रविंद्र कुमार की निगाह इस ग्राम सभा पर पड़ती है या नहीं


