
प्रेम के पुजारी आराध्य देव कृष्ण विपरीत परिस्थितियों में भी संयमित जी
आजमगढ़। महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय के मंदिर परिसर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व बड़े ही हर्षोल्लास एवं भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के महिला एवं पुरुष छात्रावास के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पूरे परिसर को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया।
विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी ने बताया कि कार्यक्र कुलपति प्रो. संजीव कुमार जी ने छात्र-छात्राओं के साथ भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन एवं पूजन-अर्चन किया। इस दौरान विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत भजन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का कुलपति महोदय ने आनंद उठाया, आराध्य देव कृष्ण की भक्ति में सराबोर मा. कुलपति विद्यार्थियों की प्रतिभा को खूब सराहा।
अपने संबोधन में मा. कुलपति महोदय ने विद्यार्थियों से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के प्रत्येक पहलू से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें यह शिक्षा देते है कि परिस्थितियां चाहे अनुकूल हों अथवा प्रतिकूल, हमें प्रत्येक स्थिति में संयम बनाए रखते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए और अपने लक्ष्य के प्रति सदैव अडिग रहना चाहिए।
जन्माष्टमी महोत्सव के अवसर पर छात्र-छात्राओं द्वारा भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित भक्ति गीतों पर मनमोहक सांस्कृतिक नृत्य एवं गायन प्रस्तुत किया गया। राधा-कृष्ण की भक्ति में डूबे गीतों और प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरे विश्वविद्यालय परिसर में भक्ति, उल्लास और श्रद्धा का वातावरण व्याप्त रहा।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के इस आयोजन ने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन-मूल्यों से जोड़ने का एक सुंदर अवसर प्रदान किया।
डॉ. प्रवेश सिंह मीडिया प्रभारी महाराज विश्वविद्यालय आजमगढ़ मो. नं. 9452 44 5878


