
मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में 2,135 मरीजों ने कराया पंजीकरण, 76 केंद्रों पर पहुंचीं स्वास्थ्य सेवाएं; औचक निरीक्षण में चिकित्सक-कर्मचारी मिले गैरहाजिर
अनुपस्थित चिकित्सक-कर्मियों से स्पष्टीकरण तलब, संतोषजनक जवाब न मिलने या दो दिन से अधिक विलंब पर वेतन रोकने की संस्तुति; सफाई व्यवस्था में लापरवाही पर भी सीएमओ सख्त
आजमगढ़ । जनपद में रविवार को आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले में लोगों को उनके नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। मेला रिपोर्ट के अनुसार जनपद के सभी 76 निर्धारित स्वास्थ्य केंद्रों पर मेले का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 2,135 मरीजों का पंजीकरण हुआ। इनमें 971 महिलाएं, 876 पुरुष और 288 बच्चे शामिल रहे। मरीजों की जांच एवं उपचार के लिए 77 चिकित्सक तथा 294 पैरामेडिकल स्टाफ की सेवाएं उपलब्ध रहीं।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एनआर वर्मा ने शहरी क्षेत्र में विभिन्न नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण कर मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले की व्यवस्थाओं, स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति तथा मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अनंतपुरा पर एएनएम अंजली कुमारी अनुपस्थित पाई गईं। नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुंडीगढ़ पर प्रभारी चिकित्सक डॉ. अमित आनंद के साथ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी राम शरण मौर्या, प्रिन्स यादव एवं उर्मिला यादव अनुपस्थित मिले। वहीं नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दलसिंगार के प्रभारी डॉ. आशीष सिंह तथा स्टाफ नर्स संजीत शर्मा भी अनुपस्थित पाए गए।
मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान चिकित्सकों एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की अनुपस्थिति पर मुख्य चिकित्साधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अनुपस्थित सभी चिकित्सक-कर्मियों से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। सीएमओ ने स्पष्ट चेतावनी दी कि प्राप्त स्पष्टीकरण संतोषजनक न पाए जाने अथवा निर्धारित समय से दो दिन से अधिक विलंब से प्राप्त होने पर संबंधित के वेतन रोकने की संस्तुति कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि ड्यूटी के प्रति लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में ऐसी स्थिति सामने आने पर संबंधित की जवाबदेही तय करते हुए नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान कुछ स्वास्थ्य केंद्रों पर साफ-सफाई की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली, जिस पर सीएमओ ने संबंधित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कर्मचारियों को अपनी कार्यशैली में तत्काल सुधार लाने तथा स्वास्थ्य केंद्रों की साफ-सफाई नियमित रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों की स्वच्छता व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
मेला रिपोर्ट के अनुसार 342 मरीजों में मधुमेह, 306 में गैस्ट्रो, 253 में त्वचा रोग, 164 में श्वसन संबंधी रोग, 108 में उच्च रक्तचाप तथा 38 में लीवर संबंधी रोग दर्ज किए गए। इसके अलावा 95 गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच, 89 कुपोषित बच्चों की जांच, 36 एनीमिया मरीजों की जांच तथा 3 टीबी मरीजों की जांच की गई। 204 मरीजों की कोविड-19 हेल्प डेस्क पर जांच की गई, जबकि 34 गोल्डन कार्ड बनाए गए। विभिन्न विशेषज्ञ सेवाओं के तहत स्त्री एवं प्रसूति रोग के 2 तथा ईएनटी के 2 मरीजों को परामर्श दिया गया। वहीं 4 मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थान के लिए रेफर किया गया।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले में चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की शत-प्रतिशत उपस्थिति, मरीजों की समुचित जांच एवं उपचार, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता तथा स्वास्थ्य केंद्रों पर बेहतर साफ-सफाई हर हाल में सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आमजन को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
(डाॅ एन आर वर्मा )
मुख्य चिकित्साधिकारी
आजमगढ़

