
कुरुक्षेत्र, प्रमोद कौशिक 6 सितंबर : गुरुकुल कुरुक्षेत्र के प्रांगण में आज ऊर्जा और प्रेरणा का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब बहुप्रतिभा के धनी कर्नल वेंबु शंकर ने छात्रों के साथ एक विशेष मोटिवेशनल सत्र साझा किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में गुरुकुल के निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. प्रवीण कुमार ने कर्नल शंकर का भव्य एवं हार्दिक स्वागत किया। कर्नल शंकर का परिचय कराते हुए निदेशक महोदय ने बताया कि भारतीय सेना में ‘शौर्य चक्र’ से सम्मानित कर्नल वेंबु शंकर न केवल सेना के एक विशिष्ट एवं जांबाज अधिकारी हैं, बल्कि वे एक बेहद उम्दा क्विज मास्टर, प्रभावशाली मोटिवेशनल स्पीकर और समर्पित सोशल वर्कर भी हैं।
अपने प्रेरक संबोधन में कर्नल शंकर ने विद्यार्थियों को जीवन में रिश्तों की अहमियत समझाते हुए आपसी भाईचारे और टीम वर्क के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सफलता की असली कुंजी समय प्रबंधन और उत्कृष्ट व्यवहार में छिपी है।
छात्रों में नवाचार की भावना जगाते हुए कर्नल शंकर ने कहा:
“हर विद्यार्थी के भीतर कुछ नया करने की मजबूत इच्छाशक्ति और निरंतर सीखने की जिज्ञासा होनी चाहिए। यही वो गुण हैं जो आपको दुनिया में एक अलग और खास मुकाम दिलाएंगे। इसके साथ ही जीवन की आपाधापी में अपने शौक और हॉबीज को हमेशा जिंदा रखें।”
सत्र के दौरान कर्नल शंकर ने अपने जीवन की कई महत्त्वपूर्ण घटनाओं और प्रेरणादायी संस्मरणों को छात्रों के साथ साझा किया। इंटरएक्टिव सेशन में उन्होंने बच्चों द्वारा पूछे गए पीयर प्रेशर, सेल्फ कॉन्फिडेंस, ओवर कॉन्फिडेंस और पर्सनालिटी ग्रूमिंग से जुड़े सवालों के बेहद सरल और संतोषजनक उत्तर दिए।
छात्रों में कर्नल शंकर से मिलने का जबरदस्त उत्साह देखा गया। कई विद्यार्थियों के आग्रह पर उन्होंने ऑटोग्राफ दिए और उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। कार्यक्रम के समापन पर निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. प्रवीण कुमार ने गुरुकुल परिवार की ओर से कर्नल वेंबु शंकर को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया और उनके अमूल्य मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया।


