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सभ सिक्खन को हुकम है गुरू मानयो ग्रंथ” गुरू ग्रंथ साहिब जी का 421वां पहिला पावन प्रकाश पर्व

“सभ सिक्खन को हुकम है गुरू मानयो ग्रंथ” गुरू ग्रंथ साहिब जी का 421वां पहिला पावन प्रकाश पर्व

सजाया गया ढाढी दरबार

मुख्य दीवान 24 अगस्त को। आज होगा राग दरबार

दीपक शर्मा (जिला संवाददाता)

बरेली : गुरू ग्रंथ साहिब जी का 421वां पावन पहिला प्रकाश पर्व गुरुद्वारा श्री गुरू सिंघ सभा गुरू गोबिन्द सिंघ नगर (माडल टाउन) में आज श्री अमृतसर साहिब से आए प्रसिद्ध प्रचारक भाई मंज़िन्दर सिंघ जी 25 अगस्त ने गुरमति विचार करते हुए बताया कि साहिब श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी की विचारधारा उस परम पिता परमेश्वर ‘अकाल पुरख’ की उस्तति एवं जीवन जीने की कला है, इसमें 6 गुरू साहिबान के अलावा 15 भक्तों (विभिन्न समुदाय से) की बाणी गुरू अर्जुन देव जी ने गुरू ग्रंथ साहिब जी की सम्पादना करते समय की। सभरावां से आये ढाढी जत्था भाई सुखनिन्दर सिंघ ‘आरफ’ ने ढाढी वारों द्वारा ढाढी वार गाकर संगत को निहाल किया गया। गुरू का लंगर अटूट बरताया गया। कल (आज) श्री गुरू ग्रंथ साहिब में बिराजमान ३१ रागों का कीर्तन बरेली कीर्तन फूलवाड़ी के नौजवान एवं छोटे बच्चे बच्चियां उस्ताद मनदीप सिंघ जी की देख रेख में करेंगे गुरू का लंगर अटूट बरतेगा।
मुख्य दीवान 24 अगस्त रविवार रात्रि 12 बजे तक चलेंगे। जिसमें पंथ प्रसिद्ध कीर्तनिये भाई चनमीत सिंघ जी श्री अमृतसर साहिब से, बीबी सिमरन कौर लुधिआना वाले एवं भाई सतवंत सिंघ जी देहरादून वाले कीर्तन कर निहाल करेंगे। दीवान की समाप्ति पर श्री गुरू ग्रंथ साहिब के सुखासन समय फूलों की बरखा की जाएगी।
25 अगस्त को श्री दरबार साहिब श्री अमृतसर के हजूरी कीर्तनिये रात के दीवान (अलौकिक कीर्तन दरबार) में गुरबाणी कीर्तन कर संगत को निहाल करेंगे। संचालन मालिक सिंघ ने किया।
मुख्य रूप से गुरदीप सिंघ राजेंदर सिंघ हरनाम सिंघ राणाप्रताप सिंघ बलविंदर सिंघ अमनदीप सिंघ परमिन्दर सिंघ मनदीप सिंघ रंजीत सिंघ चंदरमोहन खन्ना आदि का सहयोग रहा।

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