
अब रजिस्ट्री होने के बाद स्वत: दर्ज होगा इंतकाल, मानव हस्तक्षेप हुआ समाप्त
-पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 के माध्यम से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को बनाया अधिक पारदर्शी एवं सुरक्षित।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने अधिकारियों को दिए समयबद्ध सुविधाएं सुनिश्चित करवाने के दिए निर्देश।
नई पहलों के लागू होने से राजस्व विभाग की कार्यकुशलता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही में होगी वृद्धि, आमजन को मिलेगी सरल एवं त्वरित सेवाएं।
कुरुक्षेत्र, प्रमोद कौशिक 23 जून : उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ से ऑटो म्यूटेशन सिस्टम और पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 का शुभारंभ कर दिया है। जिले में राजस्व अधिकारी सुनिश्चित करें कि लोगों को तय समय में ये सुविधाएं मिलें। सरकार द्वारा रजिस्ट्री होने पर स्वत: इंतकाल होने की नई पहल की है, जिससे आमजन को काफी लाभ होगा। इसी प्रकार से पेपरलेस रजिस्ट्री 2.0 में कई नए प्रावधान किए हैं। पिछले साल मुख्यमंत्री द्वारा कुरुक्षेत्र के बाबैन से शुरू की गई पेपरलेस रजिस्ट्री योजना में आमजन के सुझाव के बाद ये नए प्रावधान जोड़े गए हैं। इसमें अब रजिस्ट्री के साथ इंतकाल को भी शामिल किया गया।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा ऑटो म्यूटेशन सिस्टम और पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 दोनों सुविधाओं का शुभारंभ चंडीगढ़ से किया। इसमें जिला के राजस्व विभाग के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि इन दोनों नई पहलों के लागू होने से राजस्व विभाग की कार्यकुशलता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही में वृद्धि होगी तथा नागरिकों को अधिक बेहतर, सरल और त्वरित सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। सभी अधिकारी निर्धारित एसओपी का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें। नई व्यवस्था को पूरी गंभीरता से लागू किया जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि अब तक जो लंबित इंतकाल हैं, उन्हें भी जल्द से जल्द निपटाएं, ताकि लोगों को परेशानी न हो।
उन्होंने कहा कि अब तक भूमि की रजिस्ट्री कराने के बाद लोगों को इंतकाल (म्यूटेशन) दर्ज करवाने के लिए अलग से पटवार भवन जाना पड़ता था। इस प्रक्रिया में समय की बर्बादी के साथ-साथ लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब नई व्यवस्था लागू होने के बाद मकान, प्लॉट, जमीन अथवा दुकान की रजिस्ट्री होते ही इंतकाल स्वत: ऑनलाइन दर्ज हो जाएगा। इसके लिए अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। इंतकाल दर्ज करने में मानवीय हस्तक्षेप को समाप्त कर दिया गया है। नए सिस्टम से नागरिक अपने इंतकाल का स्टेटस ऑनलाइन देख सकेंगे तथा इंतकाल की प्रति ऑनलाइन डाउनलोड और प्रिंट भी कर सकेंगे।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 के माध्यम से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाया गया है। इसमें कई तरह से विकल्प दिए गए हैं। अब आवेदन नागरिक स्वयं, डीड राइटर, अधिवक्ता अथवा कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से आसानी से कर सकेंगे। सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्रत्येक आवेदन में आधार आधारित यूआईडी सत्यापन अनिवार्य किया गया है। कोई व्यक्ति, कंपनी, संस्था या एनआरआई रजिस्ट्री प्रक्रिया में स्वयं उपस्थित नहीं हो सकता हो तो अब वह एक से अधिक व्यक्तियों को अपना प्रतिनिधि नियुक्त कर सकता है।
इस मौके पर जिला राजस्व अधिकारी चेतना चौधरी, नवनीत, बलिंद्र सिंह, पूनम सोलंकी, बलकार सिंह, गीता राम, संजीव कुमार मौजूद रहे।


