भगवान शिव सभी जगह विराजमान : यज्ञाचार्य सोम दत्त भारद्वाज

श्री अवधूत आश्रम कुरुक्षेत्र में चल रहे रुद्रचंडी महायज्ञ में श्रद्धालुओं ने डाली आहुतियां।
थानेसर, प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी 31 मार्च : श्री अवधूत आश्रम पिहोवा मार्ग कुरुक्षेत्र में परम पूज्य परमहंस ज्ञानेश्वर जी महाराज की अनुकंपा से बड़े गुरु जी अवधूत जी महाराज के बोध दिवस एवं आश्रम के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में 29 मार्च से रुद्रचंडी महायज्ञ चल रहा है।
आज महायज्ञ की पूजा परमहंस ज्ञानेश्वर महाराज द्वारा की गई उन्होंने यज्ञ एवं रुद्रचंडी महायज्ञ के बारे में बताया कि भगवान शिव सभी जगह विराजमान है। आकाश में भगवान शिव तारक नामक लिंग से जाने जाते है और पाताल में हाटकेशर में और मृत्युलोक में महाकाल के रूप में जाने जाते है।
उन्होंने बताया कि भगवान शिव अति शीघ्र प्रसन्न होने वाले देवता है वो प्रसन्न होकर अपने भक्तों को भक्ति और मुक्ति प्रदान करते है।
भक्ति और मुक्ति दिलाता है रुद्रचंडी महायज्ञ।
आश्रम की स्वामी डॉ. गार्गी जी महाराज ने बताया कि प्रतिदिन प्रातः पूजन प्रारंभ होता है।
यज्ञ में संत महामंडल की संरक्षक एवं अनेक राज्यों में स्थापित मठ मन्दिर आश्रमों की परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर 1008 स्वामी विद्यागिरि जी महाराज एवं देश -विदेश से कई संत महात्मा भी भाग लेने आ रहे है।
यज्ञ प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक, आरती सायं 7 बजे।
यज्ञ उत्तर भारत के प्रख्यात यज्ञाचार्य पण्डित सोम दत्त भारद्वाज के मार्गदर्शन में आयोजित हो रहा है।
इस अवसर पर षडदर्शन साधुसमाज के संगठन सचिव वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक, सचिव महंत सुनील दास, महंत स्नेह दास, डॉ. सत्यम कौशिश आयुर्वेदाचार्य, डॉ. रितन कौशिश आयुर्वेदाचार्य, पण्डित रमेश शर्मा, ईश्वर गोड्डा पाटिल कर्नाटक, डॉ. रितजा पुणे, शिवम संबल, प्रोफसर डॉ. सपना, स्वामी मंगल मूर्ति, स्वामी महातपा, चेतन मुनि,उमेश गर्ग, अमित कौशिश इत्यादि श्रद्धालु उपस्थित रहे।



