सी.बी.गंज इंटर कॉलेज में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम का किया गया उद्घाटन

दीपक शर्मा (जिला संवाददाता )
बरेली : सी.बी.गंज इंटर कॉलेज में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की माननीय सदस्य श्रीमती पुष्पा पांडेय द्वारा फीता काटकर एवं द्वीप प्रज्ज्वलित करके किया गया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विश्राम सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. प्रशांत रंजन, नोडल अधिकारी डॉ. पवन कपाही, डॉ. अजमेर सिंह तथा प्रभारी चिकित्सा अधिकारी अर्बन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सी बी गंज डॉ. मधु गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इस अवसर पर श्रीमती पुष्प पांडे द्वारा बताया गया हमे अपने एक वर्ष से उन्नीस वर्ष तक के बच्चों को एलबेंडाजोल की दवाई जरूर खिलानी चाहिए क्योंकि अनेक तरह की बीमारी है जो एलबेंडाजोल गोली न खाने के अभाव से एनीमिया जैसी बीमारी हो जाती है एवं इस दवा के खाने से पेट से कीड़े निकल जाते है विशेषकर लड़कियों को यह दवाई ताकि हम अपना सी बी गंज गंज के साथ साथ संपूर्ण भारत को एनीमिया मुक्त बना सके इसलिए जब भी सरकार की तरफ से यह दवा दी जाए तो हमें अपने बच्चों को अवश्य खिलानी चाहिए इसी क्रम में चल रहे एम आर कैंपेन का भी निरीक्षण किया गया एवं बताया गया कि हमे अपने बच्चों का टीकाकरण अवश्य कारण चाहिए ताकि हमारा शिशु सुरक्षित रहे एवं स्वास्थ्य रहे इस अवसर पर चित्रलेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया एवं प्रतियोगिता में डॉल्फिन इंटरनेशनल स्कूल के तृषा कक्षा 8 एवं आराध्या कक्षा 6 आस्था कक्षा 6 एवं सी बी गंज इंटर कॉलेज के राज शर्मा कक्षा 9 को प्रथम द्वितीय तृतीय एवं चतुर्थ पुरस्कार से सम्मानित किया गया एवं बच्चो की सराहना गई एवं उज्जवल भविष्य की कामना सहित आशीर्वाद दिया गया इस अवसर पर सी बी गंज इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य श्री भानु प्रताप जी एवं उनके समस्त स्टाफ का विशेष सहयोग रहा एवं डॉल्फिन इंटरनेशनल स्कूल के प्रधानाचार्य श्री अजय द्विवेदी जी एवं समस्त स्टाफ का विशेष सहयोग रहा ।
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के इस पूरे कार्यक्रम की योजना, संचालन और सफल क्रियान्वयन स्वयं डॉ. मधु गुप्ता द्वारा किया गया।
डॉ. मधु गुप्ता एक समर्पित चिकित्सक होने के साथ-साथ एक सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं, जो निरंतर समुदाय के स्वास्थ्य, बच्चों के कल्याण और जन-जागरूकता के लिए कार्य करती रही है इस अवसर पर हिरदेश, सविता, मनमोहन, श्रवण, सरिता, सुबिता, छाया, अमृता, मोनू और सूरज का सराहनीय योगदान रहा।




