120 छात्राओं को मिली निशुल्क साइकिल
कई किलोमीटर की पैदल यात्रा से मिली राहत, अब पढ़ाई होगी और आसान


बलरामपुर, 04 अगस्त 2026/ कभी रोजाना 4 से 5 किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल पहुंचने वाली बेटियों के आंखों में सुनहरे भविष्य के सपने झलकने लगे। जिन रास्तों की लंबी दूरी कभी उनकी पढ़ाई के सामने चुनौती बनती थी, अब वही रास्ते उनके सपनों की मंजिल तक पहुंचने का आसान सफर बन गई है। शासन की महत्वाकांक्षी सरस्वती साइकिल योजना ने जिले की 9वीं कक्षा की छात्राओं के जीवन में नई उम्मीद और नया आत्मविश्वास भर दिया है। इसी कड़ी में योजना के तहत शसाकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक स्कूल बलरामपुर के 120 छात्राओं को साइकिल का वितरण किया गया।
कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में कन्या हाई स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में कक्षा 9वीं की 120 छात्राओं को निशुल्क साइकिल वितरित की गई। साइकिल पाकर छात्राओं के चेहरों पर खुशी थी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष श्री लोधीराम एक्का ने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दूरी, आर्थिक कठिनाई या संसाधनों की कमी कभी भी बेटियों की शिक्षा में बाधा न बने। उन्होंने कहा कि सरस्वती साइकिल योजना दूरस्थ क्षेत्रों की छात्राओं के लिए राहत है। अब बेटियां समय पर विद्यालय पहुंचेंगी, सुरक्षित आवागमन करेंगी और पढ़ाई पर अधिक ध्यान दे सकेंगी।
विद्यालय के प्राचार्य ने बताया कि आठवीं के बाद विद्यालय की दूरी कई छात्राओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन जाती थी। कई बेटियों को रोज लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ती थी, जिससे उनकी नियमित उपस्थिति और पढ़ाई प्रभावित होती थी। सरस्वती साइकिल योजना ने इस समस्या का प्रभावी समाधान दिया है और विद्यालय में उनकी नियमित उपस्थिति भी सुनिश्चित होगी।
कक्षा 9वीं में अध्ययनरत ग्राम पिण्डारा की कोमल शर्मा ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि पहले मुझे रोज 4 से 5 किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल आना पड़ता था। इससे काफी समय खर्च हो जाती थी। अब सरस्वती साइकिल योजना के तहत साइकिल मिलने से मैं समय पर विद्यालय पहुंच सकूंगी, थकान भी नहीं होगी और पढ़ाई पर पहले से अधिक ध्यान दे पाऊंगी।
ग्राम ओबरी की राधिका ने भावुक होकर कहा पहले मुझे रोज करीब 4 किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल आना पड़ता था। खासकर बारिश के दिनों में विद्यालय पहुंचना सबसे कठिन होता था। अब साइकिल मिलने से मैं समय पर स्कूल भी पहुंच सकूंगी और सुरक्षित घर भी लौट सकूंगी। इससे मेरी पढ़ाई और बेहतर होगी। मैं मन लगाकर पढ़ाई करूंगी और अपने माता-पिता के साथ-साथ विद्यालय और जिले का भी नाम रोशन करने का प्रयास करूंगी। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों और अभिभावकों ने छात्राओं का उत्साह बढ़ाया और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।


