
एक शाम कबीर के नाम: कबीर जयंती पर कवि सम्मेलन, मुशायरा व सम्मान समारोह आयोजित
रायबरेली। ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा के अवसर पर सद्गुरु कबीर साहब की जयंती जिले में अनूठे अंदाज में मनाई गई। संत रैदास आश्रम सामुदायिक केंद्र में आयोजित “एक शाम कबीर के नाम” कार्यक्रम के तहत विचार गोष्ठी, कवि सम्मेलन, मुशायरा एवं अभिनंदन समारोह का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें साहित्यकारों, शिक्षकों, समाजसेवियों और गणमान्य नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ कवि बी.आर. विप्लवी ने सद्गुरु कबीर पर आधारित काव्य पाठ करते हुए उन्हें सच्चा गुरु और मानवता का पथप्रदर्शक बताया। उन्होंने कबीर के प्रसिद्ध दोहे “पोथी पढ़ि-पढ़ि जग मुआ, पंडित भया न कोय, ढाई आखर प्रेम का, पढ़े सो पंडित होय” का उल्लेख करते हुए प्रेम और मानवीय मूल्यों का संदेश दिया।
इस अवसर पर रायबरेली के वरिष्ठ साहित्यकार एवं अधिवक्ता बाबू कृष्णानंद श्रीवास्तव का माल्यार्पण एवं शॉल ओढ़ाकर अभिनंदन किया गया। उन्होंने अपनी चर्चित कविता “आओ फिर लौट चलें” का पाठ कर श्रोताओं की खूब सराहना बटोरी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कवि नाज प्रतापगढ़ी ने की। उन्होंने “जिंदगी की रोशनी है कबीर की वाणी” शीर्षक कविता के माध्यम से कबीर के विचारों की प्रासंगिकता को रेखांकित किया। कवि सम्मेलन का संचालन कवि जय चक्रवर्ती ने प्रभावशाली अंदाज में किया।
कवि सम्मेलन में रमाकांत, समसुद्दीन अजहर, सुधीर बेकस, धम्म प्रीता बौद्ध, नर कंकाल एवं सबिस्ता बृजेश सहित अनेक कवियों ने सद्गुरु कबीर के जीवन और उनके संदेशों पर आधारित रचनाओं का पाठ किया।
कार्यक्रम के आयोजक राजेश कुरील एवं सह-आयोजक विमल किशोर सबरा ने सभी कवियों और अतिथियों को अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया। इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार विजय यादव, पूर्व सभासद एवं समाजसेविका पूनम तिवारी, शिक्षिका मंजूलता, समाजसेवी रामेश्वर सिंह मौर्य तथा कबीर शोध संस्थान के महंत स्वामी विनोदानंद शास्त्री सहित कई विशिष्ट व्यक्तियों को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम दो सत्रों में आयोजित हुआ। प्रथम सत्र का संचालन सामाजिक चिंतक डॉ. सुनील दत्त ने किया, जिसमें सामूहिक बुद्ध वंदना, तिसरण और पंचशील ग्रहण कराया गया। द्वितीय सत्र का संचालन विश्व दलित परिषद के अध्यक्ष राजेश कुरील ने किया।
कार्यक्रम का संयोजन वीरांगना झलकारी बाई कल्याण एवं विकास परिषद रायबरेली के अध्यक्ष राम सजीवन धीमान ने किया। उन्होंने सभी अतिथियों, कवियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर इंजीनियर एस.के. आर्या, आसाराम रावत, रोहित चौधरी, अनिल कांत सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार, शिक्षक, समाजसेवी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: विपिन राजपूत, रायबरेली

