
हरियाणा संपादक – वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक।
सह संपादक – डॉ. संजीव कुमारी।
कुरुक्षेत्र, 17 जुलाई : श्री दुर्गा देवी मंदिर पिपली, कुरुक्षेत्र के पीठाधीश और समर्थगुरु धारा हिमाचल के ज़ोनल कोऑर्डिनेटर आचार्य डॉ. सुरेश मिश्रा ने बताया कि मिशन आत्मक्रांति’ के द्वारा सनातन धर्म सुदृढ़ होगा : समर्थगुरू सिद्धार्थ औलिया , मुरथल में पधारे आवाहन अखाड़ा के पीठाधीश्वर, महामंडलेश्वर अरुण गिरी जी महाराज से समर्थगुरू सिद्धार्थ औलिया जी ने आत्मीय भेंट की।
इस पावन बैठक में ‘मिशन आत्मक्रांति’ के जरिए सनातन धर्म के सुदृढ़ीकरण और पर्यावरण की बेहतरी के लिए आगामी कदमों पर विस्तृत चर्चा हुई।
विशेष शुभ अवसर पर आदरणीय समर्थगुरु की सचिव मां मीराबाई और समर्थगुरु धारा के केन्द्रीय संयोजक आचार्य दर्शन शामिल हुए। आज ट्विटर के माध्यम से आदरणीय समर्थगुरू सिद्धार्थ औलिया जी ने विशेष बताया कि नाम के बिना न अनापान सती योग की साधना हो सकती है, न अजपा की।
न द्रष्टा की, न साक्षी की। न ध्यान की, न होश की।
न सुरति की, न सुमिरन की।
फूलों ने झोली भर डाली,
काँटों का दर्द सहा हमने ।
खट्टी मीठी कुछ यादें हैं,
क्या जीवन खूब जिया हमने ।
माना कुछ खोया कुछ पाया,
जीवन का गीत सदा गाया ।
अथ जीवन शरणं गच्छामि,
गोविंदं शरणं गच्छामि ।


