
हरियाणा संपादक – वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक।
सह संपादक – डॉ. संजीव कुमारी।
प्रभावी संचार, मीडिया तकनीक और प्रायोगिक कौशल की जानकारी लेकर लौटे अधिकारी।
कुरुक्षेत्र, 17 जुलाई : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के कुशल मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय के जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान (आईएमसीएमटी) में शुक्रवार को हरियाणा, पंजाब, झारखंड एवं बिहार सहित चार राज्यों के कृषि एवं बागवानी अधिकारियों के तेरह सदस्यीय दल ने शैक्षणिक भ्रमण किया। यह दल हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के नीलोखेड़ी स्थित एक्सटेंशन शिक्षा संस्थान के अंतर्गत एग्रीकल्चर डेवलपमेंट ऑफिसर्स, एग्रीकल्चर टेक्निकल मैनेजर्स तथा हॉर्टिकल्चर डेवलपमेंट अधिकारियों का था। संस्थान की निदेशक प्रो. बिंदु शर्मा ने सभी अधिकारियों का स्वागत करते हुए उन्हें संस्थान की गतिविधियों एवं आधुनिक मीडिया तकनीकों से अवगत कराया।
इस अवसर पर प्रो. बिंदु शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में कृषि संचार की भूमिका पहले की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी और व्यापक हो गई है। आधुनिक मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से किसानों तक कृषि संबंधी सूचनाएं, तकनीकें और समस्याओं के समाधान तेजी से पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि एवं बागवानी क्षेत्र से जुड़े किसान भी अपने उत्पादों, नवाचारों और सफलताओं को मीडिया के माध्यम से व्यापक स्तर पर साझा कर रहे हैं, जिससे उनकी आय और उत्पादकता में वृद्धि हो रही है। उन्होंने अधिकारियों को संस्थान द्वारा संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और व्यावहारिक शिक्षण गतिविधियों की विस्तृत जानकारी भी दी।
संस्थान की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मधुदीप ने अधिकारियों को संचार के सिद्धांतों और व्यावहारिक पक्षों से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र की सफलता प्रभावी संचार पर आधारित होती है। सहायक प्रोफेसर राहुल ने अधिकारियों को एनिमेशन एवं ग्राफिक्स की तकनीकों की जानकारी देते हुए बताया कि दृश्य माध्यमों के जरिए जटिल कृषि विषयों को भी सरल और रोचक तरीके से किसानों तक पहुंचाया जा सकता है। टीवी एवं स्टूडियो इंचार्ज डॉ. सतीश राणा ने अधिकारियों को संस्थान द्वारा संचालित केयूके पॉडकास्ट, केयूके न्यूज और मीडिया चौपाल जैसी प्रमुख गतिविधियों से अवगत कराया। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के सहायक प्रोफेसर एवं नोडल अधिकारी डॉ. अजय सैनी ने तेरह सदस्यीय दल का नेतृत्व किया। उन्होंने बताया कि इस दल में हरियाणा, पंजाब, झारखंड और बिहार के कृषि एवं बागवानी विभागों के अधिकारी शामिल थे। डॉ. सैनी ने संस्थान की निदेशक प्रो. बिंदु शर्मा एवं पूरे आईएमसीएमटी परिवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भ्रमण का उद्देश्य प्रभावी संचार, कृषि संचार में मीडिया की भूमिका तथा तकनीकी एवं प्रायोगिक कौशलों को समझना था, जो पूरी तरह सफल रहा। उन्होंने कहा कि संस्थान द्वारा प्रदान की गई जानकारी अधिकारियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी और भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण एवं शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किए जाते रहेंगे।


