श्रीमहंत बंसीपुरी महाराज सर्वसम्मति से बने भारत साधु समाज हरियाणा का प्रदेशाध्यक्ष

संत समाज में ज्ञान का प्रचार कर मानव को सत्य व धर्मका मार्ग दिखाते है : श्रीमहंत बंसीपुरी
कुरुक्षेत्र, (संजीव कुमारी)17 जनवरी : शहर के प्राचीन श्रीस्थाणेश्वर महादेव मन्दिर परिसर में भारत साधु समाज के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरी जी महाराज की अध्यक्षता में हरियाणा के संतों की आवश्यक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें भारत की अनेक समस्याओं पर विचार विमर्श करते हुए संतों ने भारत साधु समाज हरियाणा प्रदेश के गठन पर भी विस्तार पूर्वक चर्चा की तथा सर्वसम्मति से श्रीमहंत बंसीपुरी जी महाराज को भारत साधु समाज हरियाणा का प्रदेशाध्यक्ष मनोनित किया गया। राष्ट्रीय संगठन महामंत्री महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरी जी महाराज ने श्रीमहंत बंसीपुरी जी महाराज को मनोनयन पत्र सौंपते हुए शुभकामनाएं दी।
महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरी जी महाराज के साथ हरिद्धार से पधारे राष्ट्रीय प्रवक्ता भारत साधुसमाज महामंडलेश्वर स्वामी विवेकानंद सरस्वती महाराज,भारत साधुसमाज उत्तराखंड के प्रदेशाध्यक्ष स्वामी सत्यव्रतानंद गिरी, प्रदेश उपाध्यक्ष उत्तराखंड स्वामी प्रज्ञानंद गिरी
श्रीमहंत बंसीपुरी जी का अभिनंदन करते संत। महाराज, स्वामी भैरवानंद गिरी आदि ने श्रीमहंत बंसीपुरी महाराज को हरियाणा प्रदेश का अध्यक्ष बनाए जाने पर उनका स्वागत किया व शुभकामनाएं दी। वहीं प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को भी मनोनित किया गया। जिसमें प्रदेश महामंत्री के रूप में बड़ा उदासीन अखाड़ा से महंत महेश मुनि, स्वामी हरिओम दास को प्रदेश उपाध्यक्ष,महंत लक्ष्मी नारायण पुरी को प्रदेश कार्यालय सचिव, महंत राम अवतार दास को प्रदेश कोषाध्यक्ष,महंत ओम गिरी को प्रदेश सहसचिव, महंत गुरुभगत सिंह को प्रदेश उपाध्यक्ष,महंत महेशपुरी को कार्यकारिणी सदस्य, महंत भीमपुरी को कार्यकारिणी सदस्य, महंत सर्वेश्वरी गिरी को कार्यकारिणी सदस्य, वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक को प्रेस सचिव नियुक्त किया गया।
इस मौके पर भारत साधुसमाज हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष मनोनीत किए जाने के उपरांत श्रीमहंत बंसीपुरी ने कहा कि संत समाज में ज्ञान का प्रचार कर मानव को सत्य व धर्म का मार्ग दिखाते हैं। संतों का मुख्य कर्त्तव्य धर्म के प्रचार-प्रसार तथा देश की संस्कृति को बचाए रखने व समाज के प्रति अपने कर्त्तव्यों का निर्वहन करते हुए राष्ट्रहित में अपना योगदान देना महत्वपूर्ण होता है। समाज में फैली बुराइयों को लेकर साधु समाज चिंतित है। योगेश्वर भगवान ने जिस धरा पर गीता का उपदेश दिया, उस धरा से सहयोगियों के साथ मिलकर भारत साधु समाज हरियाणा के रूप में अपने संकल्पों को गति देंगे। इस मौके पर बड़ी संख्या में अन्य संत मौजूद रहे।




