
समारोह के मुख्य अतिथि श्री दिनेश चंद्र अंतरराष्ट्रीय संरक्षक विश्व हिंदू परिषद और साध्वी बलजीत कौर दिव्या ज्योति जागृती संस्थान व केंद्रीय सह मंत्री विश्व हिंदू परिषद श्री हरि शंकर जी उपस्थित हुए।
(पंजाब) फिरोज़पुर,20 अप्रैल [कैलाश शर्मा जिला विशेष संवाददाता]=
राम बाग स्थित,श्री राम वेद गुरु कुलम, फिरोज़पुर छावनी में अक्षय तृतीया के पावन अवसर तीसरे नए शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर रखे गए समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में दिनेश चंद्र अर्न्तराष्ट्रीय संरक्षक विश्व हिंदू परिषद ने अध्यक्षता की इसके अलावा विशिष्ट अतिथि के रूप में साधंवी बलजीत कोर दीदी दिव्या ज्योति जागृति संस्थान से व मुख्य वक्ता के रूप में केंद्रीय सह मंत्री विश्व हिंदू परिषद हरिशंकर शामिल हुए। जानकारी देते हुए श्री राम बाग वृद्ध सेवा आश्रम के अध्यक्ष हरीश गोयल ने बताया कि इस कार्यक्रम का मंच सचालन कर्ण त्रिपाठी द्वारा किया गया। मुख्य अतिथि दिनेश चंद्र अर्न्तराष्ट्रीय संरक्षक विश्व हिंदू परिषद ने गुरूकुलम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि गुरु कुलम का उद्देश्य वैदिक परंपराओं का संरक्षण और नई पीढ़ी में अपने धर्म के प्रति श्रद्धा जागृत करना है।हरि शंकर जी ने बताया भारत में पहले हर गांव में एक गुरुकुल था तभी हमारी संस्कृति बची हुई थी नई पढ़ाई ने हमारा पारिवारिक माहौल बिलकुल बदल दिया और परिवार बिखर गए।इसीलिए विश्व हिंदू परिषद ने संतो के मार्गदर्शन में यह निर्णय लिया है कि हम पहले हर शहर और फिर हर गांव में एक गुरुकुल खोलेंगे।साध्वी बहन ने भी फिरोजपुर में इस गुरुकुल परंपरा की तारीफ की।आये हुए सबी फिरोजपुर वासियों के धन्यवाद देते हुए हरिश गोयल ने कहा इस गुरुकुल में पढ़ रहे बच्चे को सात साल बाद आचार्य की डिग्री मिल जाएगी और वह एक नए गुरुकुल में पढ़ा कर नए गुरुकुल की स्थापना कर पाएंगे।इस कार्यक्रम में विहिप की पंजाब मंत्री सुनील दत्त,जिला अध्यक्ष विजय बहल,नरेश गोयल, नरेश जैन,पवन कंसल,उदय प्रकाश, अशोक गुप्ता, सुशील गुप्ता, विशाल गुप्ता, संजय गुप्ता, सुभाष गोयल, संजीव खन्ना, राकेश बंसल एवं फिरोजपुर की सभी सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं ने भाग लिया और गुरुकुल के महत्व को जाना।फिरोजपुर शहर व छावनी के प्रबुद्ध लोगों ने हिस्सा लिया और गुरुकुल को आर्थिक सहयोग देने का भी विश्वास दिलाया।केंद्रीय अधिकारी और विहिप के कार्यकर्ता फिरोज़पुर के इतिहासिक जैन मंदिर, शहीदों की समाधि स्थल और फिरोजपुर शहर के प्राचीन शिवालय मंदिर में पहुंच कर नतमस्तक हुए।


