तीन नए आपराधिक कानून समय की जरूरत : प्रो. सुशीला चौहान

तीन नए आपराधिक कानून समय की जरूरत : प्रो. सुशीला चौहान
केयू विधि संस्थान में तीन नए आपराधिक कानूनों पर संगोष्ठी।
कुरुक्षेत्र, वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक 6 अक्टूबर : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में विधि संस्थान के सेंटर फॉर रिसर्च ऑन क्रिमिनल लॉ एंड क्रिमिनोलॉजी द्वारा तीन नए आपराधिक कानूनों पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संस्थान की निदेशिका प्रो. सुशीला चौहान ने कहा कि तीन नए आपराधिक कानूनों पर इस तरह की संगोष्ठी आयोजित करने का उद्देश्य इस पर गहनता से विचार करना है और समय की जरूरत भी है।
मुख्य वक्ता लीगल सेल के प्रो. इंचार्ज प्रो. अमित लूदरी ने कहा कि समय के अनुसार कानूनों में भी बदलाव की जरूरत है। भारतीय साक्ष्य अधिनियम एवं भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता में समय की जरूरत के हिसाब से उचित बदलाव किए गए हैं।
संगोष्ठी की दूसरी वक्ता डॉ. पूनम शर्मा ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता में कई नए पहलुओं को जोड़ा गया ह और बहुत सारे अपराध कानून में बदलाव किया है जो कि समय के अनुसार जरूरी है। संस्थान के उप-निदेशक डॉ. रमेश सिरोही ने सबका धन्यवाद किया। इस मौके पर डॉ. मंजिंदर गुलियानी, डॉ. जयकिशन भारद्वाज, डॉ. अमित कंबोज, डॉ. संतलाल निर्वाण, डॉ. कृष्णा अग्रवाल, डॉ. जापान सिंह, डॉ. सुरेन्द्र, डॉ. बसंत, डॉ. करमदीप सहित विद्यार्थी उपस्थित रहे।




