संयुक्त किसान मोर्चा ने नौ सूत्रीय मांगों को लेकर राष्ट्रपति नामित जिला प्रशासन को सौपा ज्ञापन

आजमगढ़। किसान आंदोलन के पांचवीं वर्षगांठ पर संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा 26नवम्बर को राष्ट्रपति के नामित नौ सूत्री मांग पत्र जिला प्रशासन को सौंपा। कलेक्ट्रेट कार्यालय प्रर्दशन कर किया नारेबाजी । प्रदेश अध्यक्ष ने केंद्र सरकार के नये श्रम कानून को श्रमिक विरोधी बताकर आवाज उठाई गई।किसान सभा उत्तर प्रदेश अध्यक्ष इम्तेयाज बेग ने कहा कि वर्तमान के केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने की गरज से जनता पर मंहगाई थोपा जा रहा है। यह आमजनता नहीं बल्कि पूंजीपतियों सरकार है। मंहगाई पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं रह गया है। जिसके कारण आमजनता परेशान है, ऐसी सरकार को जनहित में कदम उठाने की जरूरत है।किसान सभा के जिलाध्यक्ष त्रिलोकी नाथ व जिला मंत्री गुलाब मौर्य व प्रदेश अध्यक्ष इम्तियाज बेग ने बताया कि हमारी नौ सूत्री मांगों में एमएसपी सीटू प्लस 50 प्रतिशत किसानों की फसल का मूल्य निर्धारित करने, दस हजार रूपये बुढ़ापे की पेंशन अनिवार्य करने, किसानो को सभी प्रकार के कर्ज माफ करने की मांग की।वहीं रामनेत यादव ने बताया कि हमारी अन्य मांगों में छुट्टा पशुओं तथा जंगली पशुओं से किसान की फसल बचाने, कृषि के सिंचाई के लिए हर खेत को पानी बिजली का निजीकरण बंद व बढ़ी हुई बिजली बिल वापस लिये जाने, भारतीय बीज को कम्पनियों के हवाले न करने, धान और गन्ना की घटतौली रोके जाने व कृषि लागत घटाये जाना शामिल रहा।ज्ञापन सौंपने वालों में जियालाल, रामनेत यादव, भाकपा जिला सचिव जितेंद्र हरि पाण्डेय वसीर मास्टर, जानकी मौर्य, विजय बहादुर, रामटहल, द्विजराम यादव, दिनेश पाण्डेय, राजेंद्र, अशोक राय, रामअवध यादव आदि शामिल रहे।




