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हम रहे या ना रहे शिक्षकबंधु तरंग की ज्योति जलाए रखना- कुलपति


ज्ञान वह है जो दूसरों का, राष्ट्र का, विश्व का, और स्वयं अपने आप का भला करें- प्रो.आनंद कुमार त्यागी
ओवर आल चैंपियन सुहेलदेव वि.वि. ने पहली चल वैजयंती ट्रॉफी पर कब्जा जमाया,
आजमगढ़। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय आजमगढ़ परिसर में दो दिवसीय युवा तरंग कार्यक्रम का समापन समारोह भव्य तरीके से मनाया गया। आज के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी के कुलपति प्रोफेसर आनंद कुमार त्यागी थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने किया।
विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी ने बताया कि युवा तरंग का कार्यक्रम की शुरुआत कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विश्वविद्यालय के कुलपति एवं मुख्य अतिथि, विश्वविद्यालय के रजिस्टार ,परीक्षा नियंत्रक, सहायक कुलसचिव एवं संयोजक एवं उपसंयोजक ने ज्ञान की देवी मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत विश्वविद्यालय की बेटियों द्वारा सरस्वती वंदना जिसकी बोल थी मां शारदे भवानी मुझे ज्ञान दे वरदान दे। फिर विश्वविद्यालय की बेटियों द्वारा विश्वविद्यालय का कुलगीत गाकर माहौल को खुशनुमा बना दिया। युवा तरंग कार्यक्रम की संयोजिका प्रो. वंदना पांडेय ने भोले बाबा की नगरी से चलकर साहित्यकारों की धरती पर पधारे काशी विद्यापीठ वाराणसी के कुलपति जी का हृदय से स्वागत किया उन्होंने कहा की प्रोफेसर त्यागी सर बहुत अच्छे वक्ता, दृष्टा व चिंतक हैं निश्चय ही उनके उद्बोधन से हम सभी अभिसिंचित होंगे। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया उन्होंने विशेष रूप से विश्वविद्यालय के कुलपति के मार्गदर्शन को प्रणाम किया और प्राचार्यगण एवं जूरी के सभी मेंबरों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की। फिर शुरू हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रम का नजारा, विश्वविद्यालय में अभी हाल में संगीत कक्ष का उद्घाटन का असर दिखने लगा और विश्वविद्यालय की प्राध्यापिका डॉ. त्रिशिका श्रीवास्तव ने गजल के माध्यम से इसका जबरदस्त चित्रण किया। हरिहरपुर घराने के शीतल बंधु मिश्रा जी ने जबरदस्त प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों का दिल जीता, उनके गाने की बोल आप गैरों की बात करते हैं हमने अपनों को आजमाया है। जिसका उपस्थित छात्र एवं छात्राओं ने ताली बजाकर स्वागत किया। विश्वविद्यालय की बेटियों का लोक नृत्य लालबेरिया जो राजस्थान में प्रचलित है को प्रस्तुत कर लोगों की वाह वाही बटोरी। फिर अग्रसेन पीजी कॉलेज की बेटियों ने देशभक्ति गीत से लोगों के अंदर राष्ट्र प्रेम का जज्बा प्रवाहित किया, जब बेटियों ने अपने नृत्य में तीन कलर का तिरंगा बनाया तो उपस्थित शिक्षक गैर शिक्षक एवं छात्र-छात्राओं ने स्टैंडिंग ओवेशन दिया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार भी मुख्य अतिथि के साथ ताली बजाते दिखे।
मुख्य अतिथि के रूप में पधारे काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने कहा कि इतने खूबसूरत कार्यक्रम के बाद अब यह लगने लगा है कि आप पूरे जोश में है आपके चेहरे खिले हुए हैं इससे आपकी भावनाओं को परखा जा सकता है हमारे देश की औसत आयु 28 वर्ष है यानी हम ओवरऑल 28 वर्ष के युवा है अन्य देशों जिसमें यूरोप, कनाडा, अमेरिका की औसत उम्र 60 वर्ष है इसीलिए उनकी प्रगति की दर धीमी हो गई है कुछ दिनों के उपरांत हमारे देश की भी औसत उम्र अधिक हो जाएगी। इसलिए यही मौका है युवा आज से नहीं अभी से एक लक्ष्य बनाकर आगे बढ़े और प्रधानमंत्री जी के सपनों का भारत यानी विकसित भारत 2047 को पूर्ण करें। मैं छात्र-छात्राओं से अनुरोध करूंगा कि वह राष्ट्र का विकास तभी कर सकते हैं जब बेहतर पठन-पाठन एक लक्ष्य के साथ करें वह अपने पढ़ाई के टेबल पर जाएं तो सामने 10 लक्ष्य निर्धारित कर रख दें और उसे यथाशीघ्र पूरा करने का प्रयास करें। यानी आज के नवयुवकों की आवश्यकता है कि यदि उन्नति करनी है तो ज्ञान की आवश्यकता है, जापान में कोई अन्य रिसोर्स नहीं है सिर्फ हयूमन रिसोर्स के दम पर वह विश्व फलक पर स्थान बनाए हुए हैं। हम विरोध के लिए विरोध न करे। सरकारी संपत्तियों का नुकसान न करें जब अंग्रेजी हुकूमत थी तो हम असहयोग आंदोलन चलाकर सरकार का विरोध करते थे। जहां तक जापान जैसे देश का प्रश्न है वह विरोध करता है तो आम दिन की तरह 6 घंटे नहीं विरोध में 2 घंटे अधिक काम करके अपनी नाराजगी दर्ज करता है कभी-कभी तो 24 घंटे का विरोध कर मृत्यु को स्वीकार कर लेता है। लेकिन सरकारी संपत्ति का नुकसान नहीं करता। सरकारी संपत्ति का नुकसान यानी अपने आप पर आक्रमण। हम प्यार को चुने या विनाश को। आज समापन कार्यक्रम में युवा संकल्प करें कि हम अपने तौर तरीके बदलेंगे ऐसा कोई पैमाना तो नहीं है कि हम सही रास्ते पर हैं या गलत। परंतु इतना जरूर है कि हमारा मूल्यांकन समाज करता है और प्रश्न करता है की आप कर क्या रहे हैं। वर्तमान में हमें भगत सिंह और चंद्रशेखर जैसी कुर्बानी तो नहीं देनी है पर राष्ट्र के निर्माण के लिए भगत सिंह जैसा बहादुर तो बनना ही पड़ेगा ।अगले युवा तरंग में आने का वचन देकर उन्होंने यह वचन भी ले लिया की कम से कम छात्र अगले सत्र में इससे बेहतर दिखे ।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति जी ने कहा की काशी की धरती से पधारे प्रोफेसर आनंद सर ने बड़ी गहरी बात कही उन्होंने दो संदेश दिए यह युवा तरंग कार्यक्रम मात्र सांस्कृतिक कार्यक्रम तक ही सीमित ना रहे अपितु ज्ञान, विज्ञान, संस्कार एवं खेलकूद में भी तिरोहित हो। मैं त्यागी सर को अगले वर्ष के लिए आमंत्रित करता हूं और यह भरोसा दिलाता हूं कि आप द्वारा दिए गए मार्गदर्शन पर हमारे विश्वविद्यालय के बेटे बेटियां चलेंगे ।इतना मुझे विश्वास है तकनीकी और विज्ञान का शिक्षक इतना बेहतर वक्त हो सकता है आपने यह सिद्ध किया विश्वविद्यालय परिवार की तरफ से आपका वंदन और अभिनंदन। मैं विश्वविद्यालय के सभी शिक्षक गैर शिक्षक कर्मचारियों विशेष रूप से मैं सफाई कर्मी भाई बहनों को विशेष बधाई देता हूं। जिनके दम पर आज यह परिसर स्वच्छ और सुंदर दिख रहा है। जिन लोगों ने युवा तरंग कार्यक्रम को मुस्कुराते हुए लक्ष्य तक पहुंचाया उसके लिए मैं आभार व्यक्त करता हूं। मैं कुलपति रहूं या ना रहूं परंतु अपने शिक्षक बंधुओ से अनुरोध करता हूं कि आप युवा तरंग की ज्योति जलाए रखना। यह सर्वमान्य सत्य है कि संस्था वहां के शिक्षक चलाते हैं ,कर्मचारी चलते हैं। कुलपति तो निमित्त मात्र होता है। इसलिए सफल कार्यक्रम के लिए प्रो. बंदना जी व प्रो. अरुण जी एवं उनकी टीम को बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं।
कार्यक्रम के अंत में शुरू हुआ पुरस्कार वितरण का सिलसिला प्रथम द्वितीय तृतीय स्थान पाकर विजेताओं के चेहरे खिले। कुलपति जी ने कहा जो सफल हुए हैं उनको बधाई जो किन्हीं कारणों से असफल हुए हैं उनको विशेष शुभकामना। क्योंकि आप चुनौती लेकर गए हैं। अगले युवा तरंग में सफलता आपके कदम चूमेगी ऐसा मुझे विश्वास है। ओवरऑल चैंपियन में महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय ने चल वैजयंती ट्रॉफी लेकर सभी को पीछे छोड़ दिया ।कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य सर्वेश पांडे ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम के समापन की घोषणा की ।
डॉ. प्रवेश सिंह मीडिया प्रभारी महाराजा सुहेलदेव वि.वि. आजमगढ़ मो. नं. 9452 4458 78

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