
पिहोवा,प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी 17 मई : श्री दक्षिणा काली पीठ में शनि जयंती के उपलक्ष्य में चल रहे शनि देव पूजन,अभिषेक एवं हवन यज्ञ, पूर्णाहुति के साथ संपन्न हो गया। पीठ के व्यवस्थापक स्वामी खटवांग पुरी एवं आचार्य गुरु दीप शर्मा सहित अनेक ब्राह्मणों द्वारा वैदिक मंत्र उच्चारण कर संत महात्मा एवं यजमानो के हाथों हवन यज्ञ में आहुति डाली। इस अवसर पर पीठ के संस्थापक श्रीमहंत बंसी पुरी महाराज ने श्रद्धालुओं एवं उपस्थित संत समाज को संबोधित करते हुए कहा कि सनातन धर्म में भगवान शनि देव न्याय, कर्म और धर्म के प्रतीक माने जाते हैं। उन्होंने कहा कि कलयुग में श्री शनि देव प्राणी मात्र को दीर्घायु, सतत आरोग्य, यश, वैभव एवं उत्तम कृति प्रदान करने वाले देवता हैं। वर्तमान समय में लोगों के जीवन में मानसिक तनाव, आर्थिक परेशानियां और पारिवारिक विघटन तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे समय में धार्मिक अनुष्ठान, यज्ञ एवं वैदिक पूजा पद्धति मनुष्य को आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करती है।
महामंडलेश्वर 1008 स्वामी विद्यागिरी जी महाराज ने कहा कि सनातन संस्कृति में ग्रहों की उपासना का विशेष महत्व है और भगवान शनि देव न्यायप्रिय एवं कर्मफल दाता देव हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में सदैव सत्य, अनुशासन और धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए, क्योंकि शनि देव व्यक्ति के कर्मों के अनुसार ही फल प्रदान करते हैं। शनि जयंती जैसे धार्मिक पर्व समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य करते हैं। इस प्रकार के आयोजनों से युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपराओं से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है। कार्यक्रम में मां बगलामुखी धाम धनीरामपुरा के महंत भीमपुरी महाराज, श्री पृथ्वेश्वर महादेव मंदिर के व्यवस्थापक स्वामी महेश पुरी, गोविंदनंद आश्रम की महंत स्वामी सर्वेश्वरी गिरी, स्वामी आशुतोष पुरी, स्वामी कर्ण पुरी सहित अनेक संत महात्मा, यजमान वरिष्ठ समाजसेवी विपिन, सुरेश गोयल, बलदेव गर्ग, अनिल बंसल,रणदीप खुराना, बलवान शर्मा, विनोद डोलिया, गोपाल धीमान, डॉ. राजेंद्र मंगला, अजय गर्ग, सतीश गुप्ता, सुशील गुप्ता सहित अनेक गण्यमान्य लोग सम्मिलित हुए।कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं व यजमानों ने संत महात्माओं को माथा टेक प्रसाद ग्रहण किया।


