तोकापाल में संचालित ’’कुष्ठ मुक्त’’ जागरूकता सप्ताह में मिले 64 शंकास्पद मरीज, दो की पुष्टि होते ही इलाज शुरू

जगदलपुर, 10 अक्टूबर 2025/ गांधी जयंती के पावन अवसर पर, तोकापाल विकासखंड ने ’’कुष्ठ मुक्त भारत-2027’’ के लक्ष्य को साधते हुए एक बड़ा संकल्प लिया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तोकापाल के नेतृत्व में, 2 से 8 अक्टूबर तक छत्तीसगढ़ रजत जयंती के अवसर पर एक विशेष ’’कुष्ठ जन-जागरूकता सप्ताह’’ का सफल आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ’’कुष्ठ मुक्त भारत-2027’’ के लक्ष्य और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के स्वास्थ्य विजन को जमीन पर उतारने के लिए बस्तर जिले में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में तोकापाल विकासखंड ने कुष्ठ के प्रति जागरूकता और उन्मूलन की दिशा में एक प्रभावी पहल की।

पूरे सप्ताह चली सघन गतिविधियां

सप्ताह का आरंभ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तोकापाल में विकासखंड को कुष्ठ मुक्त बनाने के संकल्प के साथ हुआ। इसके बाद, सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और उप-स्वास्थ्य केंद्रों के स्तर पर जागरूकता अभियान को सघन रूप से चलाया गया। जागरूकता फैलाने के लिए बड़े पैमाने पर रैलियां निकाली गईं। इसके साथ ही स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों की सघन जांच की गई। लोगों को कुष्ठ रोग के प्रति जागरूक करने और इसके उन्मूलन में सहयोग का संकल्प दिलाने के लिए शपथ समारोह और क्विज प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। रोग से होने वाली विकृति और अक्षमता को सुधारने के लिए जल-तेल उपचार शिविर भी लगाए गए, जिससे यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि कुष्ठ रोग साध्य है।

अभियान की बड़ी सफलतारू 64 शंकास्पद मरीजों की खोज

सघन जागरूकता और जांच शिविरों का परिणाम प्रभावी रहा। पूरे सप्ताह चले अभियान में कुल 64 शंकास्पद कुष्ठ मरीजों की पहचान की गई। तत्काल सत्यापन के बाद, इनमें से दो कुष्ठ रोगियों की पुष्टि हुई, जिन्हें बिना किसी देरी के उपचार देना शुरू कर दिया गया है। यह त्वरित कार्रवाई कुष्ठ रोग को शुरुआती चरण में ही रोकने में सहायक होगी।
सामूहिक प्रयास और नेतृत्व यह संपूर्ण अभियान खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. ऋषभ साव के मार्गदर्शन में संचालित किया गया, जिसमें क्षेत्र के सरपंच अन्य जन प्रतिनिधि, कुष्ठ सहायक शिव नारायण पाण्डे, पर्यवेक्षक नरसिंह ठाकुर, मोहन कश्यप, अशोक केवर्थ, आदिलक्ष्मी राव, डालिया पॉल, जितेन्द्र गोलदार के अतिरिक्त ब्लॉक के सभी स्वास्थ्य कायकर्ता मितानिन समन्वयक, मितानिन पर्यवेक्षक एवं मितानिनों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
विकासखंड तोकापाल ने कुष्ठ रोगियों के लिए एक दीर्घकालिक योजना भी बनाई है। पुष्टि हो चुके और आवश्यकता वाले कुष्ठ रोगियों को दवा उपचार के साथ-साथ विकृति एवं अक्षमता सुधार के लिए प्रति सोमवार विशेष शिविर लगाकर जल-तेल उपचार भी कराया जा रहा है, जिसका लाभ अनेक रोगी उठा रहे हैं।

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