श्रमिक की मृत्यु पर परिवार को मिला आर्थिक संबल

पति के बिछुड़ने के बाद टूटा सहारा, सरकार ने थामा कौशल्या का हाथ

मिला मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक सहायता योजना का साथ

बलरामपुर, 07 नवम्बर 2025/ राज्य सरकार श्रमिक वर्ग के हित में अनेक कल्याणकारी योजनाएँ संचालित कर रही है। इन्हीं योजनाओं में से एक है मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना जिसके तहत पंजीकृत श्रमिक की मृत्यु या दिव्यांग होने की स्थिति में उसके परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। योजना ने ऐसे परिवारों को आर्थिक मदद देने के साथ उनको जीवन में फिर से खड़ा होने का हौसला दिया है।

नवाडीह की कौशल्या सिंह को मिला  योजना का लाभविकासखंड बलरामपुर के ग्राम नवाडीह की निवासी कौशल्या सिंह को इस योजना के तहत 01 लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया। यह राशि उनके जीवन कौशल्या के बिखरे जीवन को संवारने के लिए संबल बनी। कौशल्या बताती हैं, जब मेरे पति का निधन हुआ, तो लगा जैसे अंधकार से घिर गई हूँ। परिवार की जिम्मेदारियाँ और बच्चों की परवरिश के बोझ से हर दिन संघर्ष सा प्रतीत हो रहा था।पति की मृत्यु के बाद कौशल्या आर्थिक रूप से असहाय थीं। ऐसे कठिन समय में उन्हें श्रम विभाग के द्वारा  मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना की जानकारी दी।विभाग के द्वारा आवेदन की प्रक्रिया में कौशल्या को मदद मिली और सभी औपचारिकताओं को पूरा करवाया। जल्द ही उन्हें राज्य शासन द्वारा 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई।उन्होंने कहा मेरे पति के जाने के बाद मैंने सोचा था कि अब सब खत्म हो गया, पर सरकार की इस योजना ने मुझे जीने का हौसला दिया।कौशल्या  की कहानी उन हजारों श्रमिक परिवारों के लिए प्रेरणा है, जो कठिन परिस्थितियों में संघर्ष कर रहे हैं।

महतारी वंदन योजना से भी मिल रही नियमित सहायताकौशल्या को महतारी वंदन योजना का भी लाभ मिल रहा है, जिसके तहत उन्हें हर माह 1000 रुपये की राशि प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि इस योजना से मुझे घर का खर्च चलाने में बड़ी मदद मिलती है। बच्चों की पढ़ाई और घर के जरूरी सामानों के लिए अब मुझे दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता । शासन की योजनाओ से  जीवन जीने का हौसला मिला है।
उल्लेखनीय है कि शासन और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से आज जनकल्याणकारी योजनाएँ गाँव-गाँव तक पहुँच रही हैं। शासन की प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता का परिणाम है कि कौशल्या जैसी जरूरतमंद महिलाओं को समय पर सहायता मिल रही है। यह इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए सतत् प्रयासरत है।

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