हिसार के सांग कलाकारों ने सुनाया बणदेवी का किस्सा, दर्शकों से बटोरी वाहवाही

सांग बणदेवी से सजी हरियाणा कला परिषद की साप्ताहिक सांझ, कलाकारों ने जमाया रंग।
कुरुक्षेत्र, संजीव कुमारी 13 दिसम्बर : हरियाणा कला परिषद द्वारा कला कीर्ति भवन में आयोजित की जाने वाली साप्ताहिक संध्या मे सांग बणदेवी का मंचन किया गया। जिसमें हिसार के सांगी सोनू भगाणा ने राजा कणकर्त और बणदेवी के विवाह के प्रसंग को सांग में प्रस्तुत किया। इस अवसर पर कुवि के जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान के सहायक प्रोफेसर डा. आबिद अली बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे। हरियाणा कला परिषद के निदेशक नागेंद्र शर्मा ने कला कीर्ति भवन पहुंचने पर मुख्य अतिथि का स्वागत किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डा. आबिद अली ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि हरियाणवी सांग विभिन्न किस्सों तथा कहानियों को सहजता के साथ लोगों तक पहुंचाता है। नृत्य, अभिनय तथा संगीत के संगम के साथ कलाकार सांग मंचन के साथ समाज को सीख देने का भी काम करते हैं। हरियाणा कला परिषद द्वारा हरियाणा की परम्पराओं और लोक कलाओं को जिंदा रखने का सराहनीय काम किया जा रहा है, जिससे युवा वर्ग को भी अपनी संस्कृति से परिचित होने का अवसर मिल रहा है। कार्यक्रम में मंच का संचालन विकास शर्मा ने किया। सांग बणदेवी में कलाकारों ने दिखाया कि राजकुमार कणकर्त अपने लाव लश्कर के साथ शिकार खेलने के लिए घने जंगल में जाते हैं। शिकार के दौरान वह अपने साथियों से बिछड़ जाते हैं और एक जलाशय के पास आराम करने लगते हैं। ठीक उसी समय, वन की देवी बणदेवी अपनी सखियों के साथ वहां फूल चुनने आती हैं। राजकुमार कणकर्त बणदेवी के रूप को देखकर मोहित हो जाते हैं। राजकुमार बणदेवी के सामने आते हैं। दोनों के बीच संवाद रागनियों के माध्यम से प्रस्तुत कर कलाकारों ने वाहवाही बटौरी। राजकुमार अपना परिचय देते हैं और बणदेवी से विवाह का प्रस्ताव रखते हैं। बणदेवी राजकुमार के प्रस्ताव को स्वीकार कर लेती हैं, लेकिन वह एक शर्त रखती हैं कि राजकुमार को उनके साथ वन में ही रहना होगा और राजमहल के सुखों को त्यागना होगा। राजकुमार कणकर्त बणदेवी की बात मानकर वन में रहने लगते हैं। राजकुमार कणकर्त के घर से चले जाने के कारण उनके माता पिता परेशान हो जाते हैं और उन्हें ढूंढने के लिए निकल पड़ते हैं। राजकुमार बणदेवी के प्रेम और अपने कर्तव्य के बीच में फंस जाते हैं और कहानी आगे बढ़ती रहती है। हिसार के सोनू भगाणा और उनकी टीम ने अपनी गायकी और अभिनय के माध्यम से बणदेवी के किस्से को इतने रोचक ढंग से प्रस्तुत किया कि दर्शक लगभग ढाई घण्टे तक सांग का आनंद लेते रहे। सांग में धर्मबीर, विवेक सोनी, सरजूराम, प्रवीण, संजय, सहदेव, कृष्ण, वकील, दिलबाग आदि कलाकारों ने अपनी भूमिका अदा की। अंत में हरियाणा कला परिषद की ओर से कलाकारों तथा मुख्यअतिथि को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सुरेखा, एडवोकेट राजेराम, दर्शन, नरेश कुमार आदि सहित सांगप्रेमी उपस्थित रहे।




